जानिए स्लीप सेक्स के बारे में कड़वा सच

सेक्सॉम्निया एक तरह की नींद में चलने वाली बीमारी ही है। नींद में चलने वाली बीमारी को पैरासॉम्निया कहते हैं। पैरासॉम्निया में हमारा मस्तिष्क नींद के स्टेजेस के बीच में ही ठहर जाता है, जिससे हम कंफ्यूज हो जाते हैं कि हम सो रहे हैं या जाग रहे हैं। वास्तव में हम सोते रहते हैं, लेकिन हम ऐसे ऐक्ट करे हैं जैसे कि जाग रहे हैं।

एक महिला ने रात में महसूस किया कि उसके पति ने उसके साथ बुरे तरीके से सेक्स किया। इसके बाद उसने हस्तमैथुन भी किया। जब महिला ने सुबह अपने पति से रात में हुई घटना के बारे में पूछा तो उसे कुछ भी याद नहीं था। जिसके बाद महिला शॉक्ड थी। आपको बता दें कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में स्लीप सेक्स की समस्या तीन गुना ज्यादा होती है।

लोग नींद में जब सेक्शुअल बिहेवियर करते हैं, तो इसी को सेक्सॉम्निया कहा जाता है। ये सेक्शुअल बिहेवियर हस्तमैथुन से सेक्शुअल इंटरकोर्स तक हो सकता है। स्टैनफोर्ड में हुए एक अध्ययन के मुताबिक सेक्सॉम्निया तीन कैटेगरी में बांटा गया है।

पहली कैटेगरी में व्यक्ति अपने पार्टनर को तंग करता है, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। दूसरी कैटेगरी में व्यक्ति बेड पार्टनर को परेशान करने के साथ ही उसे नुकसान भी पहुंचा सकता है। जैसे- वह हस्तमैथुन कर सकता है। तीसरी कैटेगरी में व्यक्ति पार्टनर या अन्य लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से हानि पहुंचा सकता है। तीसरी कैटेगरी में व्यक्ति नींद में रेप जैसे अपराध को अंजाम दे सकता है।

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