जानिए मथुरा वृंदावन के ऐसे अद्भुत रहस्य जो नहीं जानते होंगे आप

भारत में बहुत से चमत्कारी मंदिर है लेकिन मथुरा वृंदावन का एक अलग ही महत्व है लाखो की संख्या में लोग यहाँ भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करने आते है। आईये जानते है की आखिर क्यों इस जगह को चमत्कारी माना गया है

वृंदावन से कुछ दुरी पर निधिवन है। निधिवन के मंदिर प्रांगण में बहुत से पेड़ है कहा जाता है की रात के समय ये सभी पेड़ गोपियों का रूप रख लेते है और सुबह होने से पहले वापस पेड़ बन जाते है, स्वयं भगवान् कृष्ण यहाँ पर गोपियों संग नृत्य करने आते है। रात को यहाँ पर कोई भी पशु पक्षी तक नहीं रहते। वैज्ञानिको ने इसका रहस्य पता लगाने के लिए कुछ पेड़ो को आपस में एक रस्सी से बांध दिया था और जब सुबह उन्होंने देखा तो वह रस्सी टूटी हुई मिली थी। जो वैज्ञानिक वहाँ गए थे उनका कहना है की रात को उस मंदिर में कोई भी नहीं रहता, ना ही किसी को बाहर से अंदर जाने दिया जाता है, और वह रात भर मंदिर के बाहर ही जाग रहे थे तो फिर रस्सी टूटी कैसे। इस रहस्य को सुलझाने का बहुत प्रयास किया लेकिन सब निष्फल रहे। एक बार एक व्यक्ति इसका राज़ जानने की उत्सुकता में रात को कही से निधिवन में चुप चाप घुस गया जब सुबह लोगो ने उसे देखा तो वह कुछ भी बोलने की हालत में नहीं था। उसका शरीर एक तरह से लकवा ग्रसित हो गया था और इसके कुछ समय बाद वह मर गया।

निधिवन के मंदिर प्रांगण में भगवान श्री कृष्ण का मंदिर भी है स्वयं भगवान् कृष्ण यहाँ पर रासलीला करने आते है। रात को इस मंदिर में भगवान के लिए पानी, पान, लाडू, दातुन, और बिस्तर को सही से बिछा कर रखा जाता है। मंदिर के पुजारी इस मंदिर को 4 तालो से लॉक कर देते है। और जब सुबह मंदिर को खोला जाता है तो बिस्तर पर सलवटे मिलती है, पानी का बर्तन खली मिलता है, लड्डू खाया हुआ मिलता है, पान चबाया हुआ मिलता है और दातुन इस्तेमाल की हुई मिलती है। जब वैज्ञानिको ने दातुन और पान की जांच की तो वो किसी इंसान द्वारा चबाये गए थे। मंदिर बंद होने पर भी इतना सब होना कही ना कही भगवान की उपस्तिथि को ही दर्शाता है।

वृंदावन में बहुत से खूबसूरत मंदिर है। अगर आप भी वृंदावन जाने का सोच रहे है तो इन मंदिरो के दर्शन जरूर करे बाके बिहारी लाल मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर, इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर आदि प्रसीद्ध मंदिर है इन मंदिरो में आपको बहुत ही खूबसूरत शिल्पकला, मंदिर के अंदर बनी हुई प्राचीन कलाएं और आकृति देखने को मिलती है। यहाँ पर आपको हर व्यक्ति श्री कृष्ण की भक्ति में मिल मिलता है। वृंदावन से लगभग 30 किलोमीटर की दुरी पर गोवेर्धन है। यहाँ पर गिरिराज मंदिर है जो बहुत प्रसिद्द है बहुत से भक्त यह पर दान स्वरूप आनाज चढ़ाते है माना जाता है की जो भी भक्त गोवेर्धन की परिक्रमा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है यह परिक्रमा 21 किलोमीटर की होती है। यह पर मानसीगंगा नाम से नदी है भक्त इस नदी पर स्नान करके मंदिर के दर्शन करने जाते है।

वृंदावन के जैसे ही मथुरा में भी बहुत से प्रसिद्द मंदिर और दर्शन स्थल है इसिलए इन दोनों जगह का नाम एक साथ लिया जाता है यहाँ पर एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर द्वारिकाधीश मंदिर है हजारो कृष्ण भक्त यहां भगवान् के दर्शन करने आते है। यहाँ विश्राम घाट के नाम से नदी किनारे एक स्थान है जहाँ रोज शाम को आरती होती है। द्वारिकाधीश मंदिर से 2 किलोमीटर दूर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर है यहाँ पर रात का दृश्य बहुत मन मोहक होता है। मथुरा में राजा कंस का महल भी है जिसे कंस महल के नाम से जाना जाता है। यह महल बहुत विशाल है। लेकिन बहुत ज्यादा पुराना होने की वजह से इस महल का कुछ हिस्सा धस चूका है। बहुत से लोग आज भी इस किले में घूमने आते है।

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