जानिए किन शर्तों पर की जाती हैं 20 सप्ताह से अधिक अवधि की प्रेग्नेंसी का अबॉर्शन

अगर कोई महिला अपने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भ के समाप्त कराना चाहती है, तो उसके लिए डॉक्टर निम्नलिखित बातों का मूल्याकंन करते हैं और इस बारे में महिला से भी पूछताछ कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः

Abortions to be allowed at 24 weeks as Centre okays changes to ...

मेडिकल कंडीशनः प्रेग्नेंसी के कारण महिला के शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य जोखिम भरा बन गया हो

गर्भनिरोधक साधनों की विफलताः गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन के बाद भी गर्भ ठहर गया हो

मानवीय दुर्व्यवहारः महिला की गर्भावस्था का परिणाम यौन अपराध या आमानवीय व्यवहार से जुड़ा हुआ हो

सामाजिक और आर्थिक स्थितिः गर्भवती महिला के आसपास की सामाजिक स्थिति या आर्थिक स्थिति के कारण महिला की प्रेग्नेंसी उसके जान के लिए जोखिम भरी हो
आनुवांशिक स्थितिः गर्भ में पल रहा बच्चा किसी तरह की विकृति या गंभीर बीमारी से पीड़ित हो

एक बात का ध्यान रखें कि सुरक्षित गर्भपात का कानून महिला अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य के लिए बनाया गया है। इसलिए गर्भपात के लिए हमेशा अनुभवी और भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों और अस्पतालों में ही अबॉर्शन कराना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »