जानिए कितनी दूरी बनाए रखने पर नहीं होगा कोरोना का खतरा?

जब से देश में लॉकडाउन शुरू हुआ है, तब से देश प्रधानमंत्री, डॉक्टर्स और सभी जानकार सोशल डिस्टेंसिंग की बात कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग इस खतरनाक स्थिति में खुदको और दूसरों को खतरे में डाल से बाज नहीं आ रहे हैं।

राशन,दूध और सब्जियां लेने के लिए लोग भीड़ जमा करके खरीददारी कर रहे हैं। हालांकि, ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत में कुछ लोग कोरोना और सोशल डिस्टेंसिंग के बीच के संबंध को अच्छी तरह से समझ गए हैं। वहीं कुछ लोगों को अभी भी उचित दूरी बनना सिर्फ एक मजाक लग रहा है।

इस कोरोना वायरस से जुड़े सवाल का जवाब है कि COVID -19 से पीड़ित अधिकांश (80%) लोगों में सांस संबंधी संक्रमण (बुखार, गले में खराश, खांसी) के हल्के लक्षण होते हैं और वे पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं।

लेकिन हमने कई प्रभावित देशों में देखा है कि वे लोग जिन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग, जिसमें हृदयघात (कमजोर हृदय) वाले लोग भी शामिल हैं, उन्हें गंभीर बीमारी होने का खतरा है, इसलिए इन रोगियों के लिए अतिरिक्त देखभाल की सलाह दी जाती है।

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