जानिए फेफड़ों पर कैसे असर डालती है फ्लेवर्ड सिगरेट?

बहुत सारे लोगों की पहली पसंद मेन्थॉल सिगरेट होती है, क्योंकि इसे पीने के दौरान उन्हें एक ठंडक का एहसास होता है। मेन्थॉल सिगरेट में यूगोनेल नामक यौगिक होते हैं। इसी के कारण उन्हें गले में ठंडक महसूस होती है।

इस ठंडक का एहसास कराने वाले यौगिक हमारी सेहत पर बहुत बुरा असर डालते हैं। यह हमारे फेफड़ों को खराब करने में योगदान करते हैं। इसके साथ ही इससे फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा भी अधिक हो जाता है।

मेन्थॉल के होने से सिगरेट का धुआं ठंडा तो होता है लेकिन यह काफी नुकसान पहुंचाता है। यह स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डियोवैस्कुलर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है। एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग फ्लेवर्ड सिगरेट पीते हैं उनकी धमनियां धीरे-धीरे सख्त होने लगती हैं। इसके साथ ही इन लोगों में हार्ट संबंधित बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।

कई लोगों में इस बात को लेकर गलतफहमी होती है कि सिगरेट में लौंग होने से कैंसर का खतरा कम होता है या टाला जा सकता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक्सपर्ट्स की मानें तो फ्लेवर्ड सिगरेट पीने से सामान्य सिगरेट की तुलना में कैंसर का खतरा तीन गुना अधिक हो जाता है।

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