जानिए कैसे 45 किलोग्राम का पत्थर तैरता है पानी में

देश और दुनियां से अजीबो गरीब तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं जिनमें से कुछ रहस्यमय होती हैं। आज हम बात करेंगे एक ऐसे पत्थर की जिसका वजन 45 किलोग्राम है। लेकिन पानी में तैरता है यह कहानी हरियाणा के भिवानी जिले के गांव दांग खुर्द की है यहां दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

कुछ लोग धार्मिक आस्था से जोड़कर इस पत्थर की पूजा करने लगे हैं। 45 किलोग्राम भार का पत्थर डूबने के बजाय तैरने लगा, जिसके चलते गांव के लोग शिव भगवान का रूप समझकर उसकी पूजा कर रहे है। पत्थर की करामात देख ग्रामीण हैरान हैं।

आसपास के गांवों में खबर फैली तो लोग पत्थर की पूजा के लिए लोग उमड़ने लगे थे। जानकारी के अनुसार गत शाम गांव के अजीत खेत में अपने पिता को चाय देने के लिए गया था तो उसे नहर में तैरता हुआ एक पत्थर दिखाई दिया जिसके चलते पूरे गांव में सनसनी फैल गई। फीडर में तैरता हुआ लगभग 45 किलो का पत्थर आसपास के क्षेत्र में एक रहस्य बनकर रह गया है।

यह पत्थर पानी में ऐसे तैरता है। जैसे लंका पर चढ़ाई के समय श्री राम चंद्र जी ने समुद्र के ऊपर पत्थरों से जो पुल बनाया तब वो पत्थर भी पानी पर तैर रहे थे। इसमें भी एक रहस्य है कि सारे पत्थर नल नील नाम के दो भाईयों के हाथों के द्वारा छोड़े गए थे। जिनके द्वारा पानी में कोई भी वस्तु छोड़ी जाती थी। तो वो तैरने लगती थी। उन्हें यह ऋषियों द्वारा वरदान लगा हुआ था। कि तुम पानी में कोई वस्तु डालोगे तो वो नहीं डूबेगी।

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