जानिए मधुमेह कम करने के घरेलू उपाय

आधुनिक जीवनशैली ने कई रोगों को जन्म दिया है। प्राचीन काल में, लोग स्वस्थ भोजन करते थे, स्वच्छ हवा में साँस लेते थे और सबसे महत्वपूर्ण बात, वे खुद को कई शारीरिक गतिविधियों में शामिल करते थे। लेकिन लेकिन आजकल हम लगातार कंप्यूटर के सामने काम करने लगे हैं, घर पर बने स्वस्थ भोजन खाने के बजाय लोग बाहर का अस्वस्थ जंक फूड खाना पसंद करते हैं। अपना समय पार्कों में अभ्यास या योग करने के बजाय अधिकांश लोग डोमोनोस, मैक डोनाल्ड, कैफे और डाइनिंग रेस्तरां आदि में अपना समय व्यतीत करना पसंद करते हैं। शारीरिक गतिविधियों, तनाव और अच्छे भोजन की कमी ने कई रोगों को जन्म दिया है। हाल के वर्षों में मधुमेह एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या बन गई है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को अपना शिकार बना रही है।

शुगर को जड़ से खत्म करने का उपाय है करेला –
खाली पेट पर हर सुबह कड़वा करेले का रस पीना शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है और लगातार आ रहें पेशाब से राहत दिलाता है। इसमें चरन्तिन (charantin) नामक एक सक्रिय घटक होता है जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। आप इसके बीज बाहर निकालकर इसका पाउडर बनाकर दैनिक रूप से इसका सेवन करें।

शुगर कम करने का उपाय है त्रिफला –
रोगों का इलाज करने के लिए आयुर्वेद में त्रिफला सबसे व्यापक रूप से मौजूद जड़ी-बूटियों में से एक है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, त्रिफला तीन फलों का एक संयोजन है। ये सभी तीन फल शक्तिशाली जड़ी बूटी हैं और त्रिफला इन तीनों के बहुमूल्य औषधीय गुणों को मिलाता है। यह अग्न्याशय के कार्यों में मदद करता है और इंसुलिन के स्राव को बढ़ावा देता है। आप गर्म पानी के साथ 1 चम्मच पाउडर का सेवन कर सकते हैं या आप रक्त शर्करा के स्तर में बड़े बदलावों से बचने के लिए, इसे लेने से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर होगा।

डायबिटीज से बचने का उपाय है हल्दी पाउडर –
हल्दी अपने शक्तिशाली उपचार शक्तियों के लिए जानी जाती है और हर किसी के रसोई घर में इसकी विशेष जगह है। यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करती है और मधुमेह के मूल कारणों को हल करने में भी मदद करती है। प्रभावी और शीघ्र परिणामों के लिए, आप हल्दी को आंवला के साथ ले सकते हैं। बस अपने आहार में 2-3 ग्राम हल्दी शामिल करें और इसके फायदे का आनंद लें।

शुगर से बचने के उपाय के लिए करें जामुन का उपयोग –
जामुन में ग्लाइकोसाइड होता है जो रक्त शर्करा के स्तर पर रोक लगाने में मदद करता है। यह मधुमेह के लिए एक शक्तिशाली जड़ी बूटी के रूप में कार्य करता है और चीनी को ऊर्जा में बदलकर मधुमेह के प्रभाव को ख़त्म करता है। तो जल्दी से अपने रसोई घर की ओर जाए और जामुन के बीजों को पीसकर एक महीन पाउडर बनाएं और दिन में दो बार 3 ग्राम पाउडर को छाछ के साथ लें।

शुगर खत्म करने का तरीका है गुड़मार –
गुड़मार का मतलब है ‘चीनी का नाश करना’ और आयुर्वेद में पारंपरिक रूप से मधुमेह के इलाज के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यह शरीर में इंसुलिन को बढ़ाता है और रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में सहायता करता है। यह वसा को सोखने और चीनी के रूपांतरण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। यह शरीर की चयापचय गतिविधियों में भी मदद करता है, वजन का संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है और रक्त में कोलेस्ट्रॉल के सही स्तर को भी बनाए रखता है। गुड़मार की कुछ पत्तियों को रोजाना चबाएं या 400 mg गुड़मार चूर्ण से चाय बनाकर पिएं।

शुगर से छुटकारा दिलाता है नीम –
नीम के पत्ते औषधीय गुणों से भरा होते हैं और ये आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं। नीम कफ दोष को संतुलित करता है और इंसुलिन की निर्भरता को कम करता है। वैदिक और पारंपरिक स्वास्थ्य संबंधी ग्रंथों के अनुसार यह मधुमेह में सुधार लाने में बहुत प्रभावी है। यह न केवल शरीर में शर्करा के स्तर को कम करता है बल्कि रक्त के प्रवाह को सामान्य करने में भी मदद करता है। एथोरोसलेरोसिस और हृदय संबंधी जटिलताओं को रोकने की लिए आप नीम के 4-5 पत्ते चबा सकते हैं या नीम के रस का सेवन कर सकते हैं। यह आपकी इंसुलिन सेवन पर निर्भरता कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है।

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