जानिए पुरुषों की तुलना में महिलाओं को विशेष प्रभावित करने वाली बीमारियां

ऐसी कई बीमारियां हैं जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकती हैं, लेकिन इसका महिला पर होने वाला असर अलग तरीके का होता है। इन मामलों में दोनों के लक्षण में समानता हो सकती है, लेकिन उसके उपचार और बीमारी से उबरने के लिए देखभाल व आवश्यक ​परिस्थितियां अलग होती हैं। निम्नलिखित बीमारियां महिलाओं को अलग रूप से प्रभावित करती हैं।

शराब की आदत का प्रभाव पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर अधिक पड़ता है। शराब की लत के चलते उनमें स्तन कैंसर, दिल संबंधी रोग और भ्रूण के अल्कोहल सिंड्रोम (जहां माँ के शराब पीने की आदतें शिशुओं के मस्तिष्क को क्षति पहुंचा सकती है) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

हृदय रोग पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करते हैं, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने से मौत की आशंका अधिक रहती है।
पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अवसाद और चिंता होने की समस्या अधिक होती है, प्रसव के बाद अवसाद का डर महिलाओं में अधिक रहता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गठिया की समस्या होने का खतरा अधिक रहता है।
यौन संचारित रोग (एसटीडी) पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करते हैं, लेकिन उपचार में देरी से महिलाओं में बांझपन हो सकता है। महिलाओं में इसके लक्षण कई बार बहुत स्पष्ट नजर नहीं आते हैं, जिनके चलते उनका उपचार नहीं हो पाता है।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (एपीए) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, महिलाओं में तनाव बढ़ रहा है और जिससे उनमें बांझपन होने का खतरा अधिक रहता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाएं स्ट्रोक का शिकार ज्यादा होती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जहां स्ट्रोक का प्रमुख कारण परिवारिक इतिहास, हाई ब्लडप्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल होता है, वहीं गंर्भनिरोधक दवाओं, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और गर्भावस्था के चलते महिलाओं में यह खतरा बढ़ जाता है।

पेशाब के तरीके के चलते पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) होने का खतरा अधिक रहता है।

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