स्वतंत्रता दिवस 2020: आखिर क्या कहते हैं तिरंगे के 3 रंग जानिए

हिंदुस्तान ने अपनी आजादी की यात्रा को कई प्रतीकों के जरिये अपनी स्वतंत्रता को जनता साथ साझा किया है. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी इसी आजादी की यात्रा का प्रतीक है.

गणतंत्र ने इस सहर्ष स्वीकार किया और तिरंगा जन के मन के भीतर समाहित हो गया. यही ध्वज देश की आन-बान और शान का प्रतीक है. भारत के ध्वज को तिरंगे के नाम से जाना जाता है और हम सभी तिरंगे को बड़े ही गर्व से फहराते हैं.

राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास भी बहुत रोचक है. 20वीं सदी में जब देश ब्रिटिश सरकार की ग़ुलामी से मुक्ति पाने के लिए संघर्ष कर रहा था, तब स्वतंत्रता सेनानियों को एक ध्वज की ज़रूरत महसूस हुई, क्योंकि ध्वज स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है. सन् 1904 में विवेकानंद की शिष्या सिस्टर निवेदिता ने पहली बार एक ध्वज बनाया, जिसे बाद में सिस्टर निवेदिता ध्वज के नाम से जाना गया.

क्या अर्थ है तिरंगे में रंगों का महत्व
पहली बार तीन रंग वाला ध्वज सन् 1906 में बंगाल के बंटवारे के विरोध में निकाले गए जलूस में शचीन्द्र कुमार बोस लाए. इस ध्वज में सबसे उपर केसरिया रंग, बीच में पीला और सबसे नीचे हरे रंग का उपयोग किया गया था.

केसरिया रंग पर 8 अधखिले कमल के फूल सफ़ेद रंग में थे. नीचे हरे रंग पर एक सूर्य और चंद्रमा बना था. बीच में पीले रंग पर हिन्दी में वंदे मातरम् लिखा था.

सन् 1908 में भीकाजी कामा ने जर्मनी में तिरंगा झंडा लहराया और इस तिरंगे में सबसे ऊपर हरा रंग था, बीच में केसरिया, सबसे नीचे लाल रंग था. इस झंडे में धार्मिक एकता को दर्शाते हुए; हरा रंग इस्लाम के लिए और केसरिया हिन्दू और सफ़ेद ईसाई व बौद्ध दोनों धर्मों का प्रतीक था.

तिरंगे में केसरिया रंग का महत्व

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अपने रंगों के साथ भारत की बहुलतावादी संस्कृति और समाज को इंगित करता है. तिरंगे में केसरिया रंग बलिदान का प्रतीक हैं. यह रंग राष्ट्र के प्रति साहस, और निस्वार्थ भावनाओं का प्रतीक है. यह रंग बौद्ध और जैन धर्मों का केंद्रीय भाव प्रदर्शित करता है.

धर्म इस रंग के भीतर प्रवाहित हो रहा है. केसरिया रंग अहंकार मुक्ति और त्याग का संदेश देता है. यह विविधता के बीच अनेकता और एकता का प्रतीक है. केसरिया रंग हिंदू धर्म की आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.

तिरंगे में सफेद रंग का महत्व

सफेद रंग शांति का द्योतक है. ईमानदार का धवल प्रतीक. यह बताता है राष्ट्र का नागरिक ईमानदार और पारदर्शिता के साथ इस व्यवस्था से जुड़ा है.

भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक परंपरा में सफेद स्वच्छता, ज्ञान और विश्वास का प्रतीक माना गया है. मार्गदर्शन और सच्चाई की राह पर हमेशा चलना चाहिए.

तिरंगे में हरे रंग का महत्व

हरा रंग हरियाला और समृद्धि का प्रतीक है. हरा रंग विश्वास, उर्वरता, खुशहाली, समृद्धि और प्रगति की बात कहता है. यह उत्सव और आनंद का रंग है. हर परंपरा और धर्म में हरे रंग का अपना अर्थ है जो बहुत ही शुभ है.

प्रकृति हरी-भरी है. वह उर्वरा है और पालन पोषण करने वाली रही है. हरा रंग विकास, स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!
Translate »