व्यायाम के दौरान लगने वाली चोट के कारण

व्यायाम के दौरान लगने वाले कई चोट तुरंत दर्द और असहजता का अनुभव करा देती हैं, लेकिन पुरानी और एक ही स्थान पर बार-बार लगी चोट लंबे समय तक असर दिखाती है। चोट लगने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से ये प्रमुख हैं।

खराब आसन
दफ्तर में एक ही अवस्था में लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियां निष्क्रिय अवस्था में चली जाती हैं। इसके बाद जिम में पहुंचकर अचानक भारी वजन वाले व्यायाम करने से चोट और मांसपेशियों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा अधिक रहता है।

वजन और सेटों में बदलाव
व्यायाम के दौरान जब आप अचानक ही एक नियत वजन से अधिक वजन उठाना शुरू कर देते हैं या जितने सेट में व्यायाम कर रहे होते हैं अचानक ही उसे बढ़ा देते हैं तो यह परिवर्तन मांसपेशियों को क्षति पहुंचा सकता है। असल में हमारा शरीर एक निश्चित वजन को सहने का आदी हो जाता है ऐसे में अचानक से वजन को बढ़ाना चोट को आमंत्रित कर सकता है।

वार्मअप और स्ट्रेचिंग न करना
सुबह उठने या दिनभर दफ्तर में बैठे रहने के कारण मांसपेशियां निष्क्रिय अवस्था में आ जाती हैं। ऐसे में उन्हें बिना सक्रिय किए व्यायाम करने से दर्द और मांसपेशियों को क्षति पहुंचने का खतरा होता है।

निर्जलीकरण
पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से मांसपेशियों में ऐंठन, व्यायाम के दौरान थकान का अनुभव हो सकता है। अधिक गंभीर चोटों से बचने के लिए कसरत के दौरान थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है।

व्यायाम के दौरान लगने वाली चोट से बचाव के उपाय –
व्यायाम के दौरान लगने वाली चोट से बचने के लिए प्रशिक्षक द्वारा बताए गए तरीकों का सही से पालन करें। निम्न उपायों का पालन करके चोट लगने की आशंकाओं को कम किया जा सकता है।

वार्म-अप और स्ट्रेचिंग
व्यायाम से पहले वार्म-अप जरूर करें। जिम में अगर आप प्रतिदिन एक घंटे का समय बिताते हैं तो शुरुआत में 5-10 मिनट वार्म-अप भी आवश्यक है। वार्म अप की तरह ही जिम के दौरान मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करते रहने से मांसपेशियों को किसी खिंचाव से बचा सकते हैं।

तकनीक पर दें ध्यान
वजन उठाने के लिए एक विशेष तकनीक की जरूरत होती है, जिसका अगर पालन नहीं किया जाता है, तो चोट और दर्द का खतरा बना रहता है। प्रशिक्षकों द्वारा वजन को धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह दी जाती है।

प्रशिक्षकों की सलाह लें
वर्कआउट या किसी विशेष व्यायाम को करते रहने से तब तक लाभ नहीं है जब तक उसकी तकनीक और उस व्यायाम को करने का तरीका सही नहीं है। सही तरीके के प्रशिक्षक की सलाह लें। विशेष रूप से अधिक भार उठाने और ऐसे व्यायाम में जिसमें शरीर की मांसपेशियों पर ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है।

तरल पदार्थ/पानी पीते रहें
वर्कआउट और व्यायाम के दौरान यह सुनिश्चित करें कि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा है। समय-समय पर तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस इत्यादि का सेवन करते रहें।

चोट के दौरान व्यायाम से बचें
व्यायाम के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर मांसपेशियों को आराम देते रहें। अगर आपको चोट या दर्द है तो ऐसे में व्यायाम से बचें। खराब तकनीक, ज्यादा वजन उठाने आदि के चलते आपको चोट या दर्द हो सकती है। दर्द का एहसास होने पर व्यायाम को रोक दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »