सांस फूलने पर करे ये घरेलू उपाय

सांस फूलने की समस्या का ज़िक्र आप सभी कभी न कभी करते ही हैं। इसका चिकित्सीय नाम डिस्पनिया है। सांस फूलने की समस्या का मतलब होता है कि आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आप एक तरीके की घुटन महसूस कर रहे हैं। सांस फूलने की समस्या कम, अधिक या बेहद गंभीर भी हो सकती है। कुछ मामलों में, लोग चिंता या तनाव भी अनुभव करते हैं, जिससे ये स्थिति और भी ज़्यादा खराब हो जाती है।

ये बेहद आम है जब आपकी शारीरिक गतिविधि का असर क्षमता से अधिक हो जाता है या फिर जब आप किसी पहाड़ी इलाकों पर चढाई करते हैं, जहां ऑक्सीजन की कमी होती है। ऐसे मामलों में, कुछ आराम के बाद सांस सामान्य स्थिति पर आ जाती है।

सांस फूलने की समस्या, हालांकि, कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकती है। ये समस्या खून की कमी, श्वसन प्रणाली में संक्रमण या बीमारी, ब्रोंकाइटिस, ह्रदय की बीमारी और एलर्जी की वजह से भी हो सकती है। ये लक्षण उन लोगों में भी बेहद आम होते हैं, जिन्हे फेफड़े का कैंसर होता है।

सांस फूलने की परेशानी का उपाय है होंठ गोल करके सांस लेना –
होठों से सांस लेने की प्रक्रिया एक और बेहतरीन तकनीक मानी जाती है, जो साँस फूलने की समस्या को कम करने में मदद करती है। ये आपकी सांस फूलने की परेशानी को तेज़ी से कम करती है और सामान्य सांस को लय में लेकर आती है। इसके साथ ही इससे तनाव और चिंताएं भी दूर होती हैं।

कैसे करें –

सबसे पहले आराम से बैठ जाएं और गर्दन एवं कंधे की मांसपेशियों को आराम दें।
फिर अपने होठों को ज़ोर से दबा लें।
फिर कुछ सेकेंड के लिए अपनी नाक से सांस लेने की कोशिश करें।
अब होंठों को थोड़ा खोलें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
फिर से इसी प्रकार सांस लें और छोड़ें। ये प्रक्रिया करीब दस मिनट तक दोहराएं।
इस तकनीक को आप कभी भी कर सकते हैं या जब लगे कि सांस फूल रही है तो आप आराम से इसे करें। कुछ ही मिनट में आप अच्छा महसूस करने लगेंगे।

सांस फूलने के नुस्खे में ब्लैक कॉफी पीयें –
एक कप ब्लैक कॉफी सांस फूलने की समस्या का इलाज करने में मदद करती है। कॉफी में मौजूद कैफीन श्वसन प्रणाली को मजबूत करती है और शरीर में आने जाने वाली हवा की क्रियाओं को सुधारती है। इसके साथ ही, ये अस्थमा के लक्षणों को भी दूर करती है। एक या दो कप स्ट्रांग ब्लैक कॉफी पीयें जिससे सांस फूलने की समस्या से आराम मिले और सामान्य सांस की प्रक्रिया चलती रहे। लेकिन कॉफ़ी का ज़्यादा सेवन न करें, इससे आपके ह्रदय की गति और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता हैं।

सांस फूलने पर भाप लें –
अगर श्वसन सम्बन्धी समस्याएं सांस फूलने की परेशानी बढ़ा रही हैं, तो भाप लेने का घरेलू उपाय बेहद अच्छा विकल्प माना जाता है। इससे आपकी नाक की नलियां साफ़ रहती है और सांस लेने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती। इसके साथ ही भाप की गर्माहट और मॉइस्चर बलगम को कम कर देता है, जिससे सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं होती।

कैसे इस्तेमाल करें –

सबसे पहले एक बढ़ा कटोरा पानी से भरें।
अब उसमें कोई भी आवश्यक तेल मिलाएं जैसे नीलगिरी तेल या पुदीने का तेल।
अब कटोरे के पास अपना चेहरा लेकर जाएँ और अपने सिर को तौलिये से ढ़क लें।
अब भाप लेना शुरू करें और कुछ मिनट तक इसी तरह गहरी सांस लें।
अगर आपकी नाक बंद है तो इस उपाय को रोज़ाना दोहराएं।

सांस फूलने का उपाय है अदरक खाना –
अदरक एक अन्य प्रभावी उपाय है जो छाती या नाक में बलगम का इलाज करने में मदद करता है, जिसकी वजह से सांस फूलने की समस्या बढ़ने लगती है। अदरक में मौजूद कई घटक बलगम को निकालते हैं। इससे आप आसानी से सांस लेने लगते हैं। इसके साथ ही ये गर्दन और श्वसन तंत्र संक्रमण से भी बचाता है। इसके बेहतर लाभ के लिए रोज़ाना अदरक वाली चाय पीयें।

चाय बनाने के लिए –
एक चम्मच अदरक के टुकड़ों को दो कप उबलते पानी में डाल दें।
फिर बर्तन को पांच से दस मिनट के लिए ढ़क दें।
अब मिश्रण को छान लें और फिर शहद को उसमें मिला लें।
फिर इस मिश्रण को पीयें।
इसके साथ ही बलगम से छुटकारा पाने के लिए अदरक के टुकड़ों को भी आप चबा सकते हैं।

सांस फूलने का उपाय है चुकंदर का सेवन –
अगर आपको एनीमिया की वजह से सांस फूलने की समस्या है तो आप चुकंदर खा सकते हैं। चुकंदर में अधिक मात्रा में आयरन होता है, साथ ही फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम और विटामिन भी होता है।

कैसे इस्तेमाल करें –

सबसे पहले एक मध्यम आकार के चुकंदर, तीन गाजर, मुट्ठीभर पालक और आधा शकरकंद को एक साथ मिलाकर मिक्सर में डाल दें। फिर इसे पी जाएं। पूरे दिन में इस मिश्रण को एक बार ज़रूर पीयें।
इसके आलावा, एक या दो चुकंदर को छिलकों के साथ गैस पर रख कर भून लें। फिर चुकंदर को ठंडा करके, छीलकर उनपर नमक और मिर्च डालकर खा लें।
इसके साथ ही, अपने आहार में और अधिक आयरन से समृद्ध खाद्य पदार्थ मिलाएं।

सांस फूलने का घरेलू नुस्खा है सौंफ –
आयुर्वेदा के अनुसार, सौंफ सांस की समस्या का इलाज करने में मदद करती है। इसमें एक्सपेक्टरेंट के गुण बलगम को निकालते हैं और श्वसन से जुड़ी बीमारी का इलाज करते हैं, जैसे ब्रोंकाइटिस और कफ। इसके साथ ही सौफ में मौजूद आयरन एनीमिया का भी इलाज करते हैं।

कैसे इस्तेमाल करें –

सबसे पहले एक चम्मच सौफ को गर्म पानी में डाल दें।
फिर पांच से दस मिनट के लिए उसे ढ़क कर रखें।
सब मिश्रण को छान लें और इस सौफ की चा

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