ब्रोंकाइटिस होने पर करें ये आसान घरेलू उपाय

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) ब्रोन्कियल ट्यूब में होने वाली सूजन और एक प्रकार का संक्रमण है जो नाक और फेफड़ों के बीच फैलता है। यह आमतौर पर वायरस और बैक्टीरिया के कारण होता है। ब्रोंकाइटिस से जुड़े लक्षण जैसे बलगम, साँस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, नाक बंद होना, थकान, मांसपेशियों में दर्द और बुखार के साथ खांसी आदि शामिल हैं। ब्रोंकाइटिस घातक और लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी है।

ब्रोंकाइटिस का घरेलू उपाय है अदरक –
अदरक में प्रभावी एंटीवायरल के गुण होते हैं जो आप सर्दी में और साथ ही साथ ब्रोंकाइटिस के उपचार के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अदरक में सूजन रोधी और प्रतिरक्षा प्रणाली के भी गुण होते हैं जो ब्रोन्कियल ट्यूब में होने वाली सूजन और जलन को रोकने में मदद करते हैं।

अदरक का इस्तेमाल कैसे करें –

एक कप गरम पानी में थोड़ा अदरक, एक चम्मच दालचीनी और लौंग मिलाये। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर पीलें। कुछ दिनों इस मिश्रण का सेवन करे। इसे पीने से ब्रोंकाइटिस की परेशानी से आपको काफी आराम मिलेगा।
आप अदरक से हर्बल चाय भी बना सकते हैं। सबसे पहले एक कप उबले पानी में एक चम्मच अदरक पाउडर और काली मिर्च मिलाएं। उबलने के बाद इस मिश्रण में शहद मिलाकर पी जाएँ। इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।
इसके अलावा आप एक चम्मच अदरक पाउडर, काली मिर्च और लौंग को एक साथ पी सकते है। इस मिश्रण को पूरे दिन में तीन बार शहद और दूध के साथ ज़रूर लें।​

ब्रोंकाइटिस का देसी नुस्खा है लहसुन –
लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटी वायरल के गुण मौजूद होते हैं जो ब्रोन्काइटिस के इलाज के लिए बेहद फायदेमंद है। विशेष रूप से ये घातक ब्रोंकाइटिस के लिए काफी लाभदायक है।

लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें –

सबसे पहले तीन लहसुन की फाके लें।
फिर छिलने के बाद उसे काट ले।
अब लहसुन को दूध में डालकर पी जाएँ।
इस मिश्रण का इस्तेमाल रोज़ रात को सोने से पहले करें।

ब्रोंकाइटिस का रामबाण उपाय है निलगिरी तेल –
स्टीम थेरेपी ब्रोंकाइटिस रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। नीलगिरी तेल के इस्तेमाल से जमा बलगम कम होगा और इसके जीवाणुरोधी गुण ब्रोंकाइटिस की समस्या को रोकने में मदद करेंगे।

नीलगिरी तेल का इस्तेमाल कैसे करें –

गर्म पानी में नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदों को मिलाएं और इस मिश्रण की मदद से भाप थेरेपी का इस्तेमाल करें। भाप लेते समय तौलिये से अपने सिर को ढक लें। अगर नीलगिरी का तेल आपके पास उपलब्ध नहीं है तो आप पाइन तेल या टी ट्री तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
नीलगिरी तेल को छाती पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से आपको बलगम को निकालने में आसानी होती है और श्वसन प्रणाली के कार्य में भी किसी तरह की रुकावट पैदा नहीं होती।

ब्रोंकाइटिस के लिए शहद का करें प्रयोग –
ब्रोंकाइटिस से होने वाली खांसी के लिए शहद एक बेहद ही लाभकारी उपचार है। शहद में मौजूद एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो गले के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इसके अलावा शहद आपके इम्यून सिस्टम को भी बढ़ाता है।

शहद का इस्तेमाल कैसे करें –

अपने नियमित चाय में एक चमच शहद मिलाने से आपको ब्रोंकाइटिस से होने वाली खांसी में काफी आराम मिलेगा।
इसके अलावा आप नींबू पानी में शहद को मिलाकर भी पी सकते हैं। इसकी मदद से आपको गले में होने वाली सूजन से राहत मिलेगी।

ब्रोंकाइटिस को दूर करता है प्याज –
प्याज बलगम को निकालने में मदद करता है। इसके सेवन से आपको ब्रोंकाइटिस की समस्या से काफी राहत मिलती है।

प्याज का इस्तेमाल कैसे करें –

रोज़ सुबह खाली पेट एक चम्मच प्याज का जूस पियें।
इसके अलावा सलाद में कच्चा प्याज मिलाकर खाएं। साथ ही खाने को बनाते समय भी प्याज का इस्तेमाल ज़रूर करें।

ब्रोंकाइटिस का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक –
सेंधा नमक से अगर आप नहाते हैं तो ब्रोंकाइटिस की परेशानी से आपको जल्द राहत मिलेगी। खासकर तब जब आप ब्रोंकाइटिस के घातक लक्षणों से पीड़ित होते हैं।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें –

सेंधा नमक से नहाने के लिए दो या तीन किलो सेंधा नमक को एक गर्म पानी के टब में डाल दें।
जब सेंधा नमक अच्छे से गर्म पानी में घुल जाये तो आप या तो उस गर्म पानी में बैठ जाएँ या उस पानी को मग से अपने शरीर पर डालें।
अगर आपकी ब्रोंकाइटिस की बीमारी बहुत पुरानी है और अभी तक उसका इलाज नहीं हुआ है तो इस मिश्रण का इस्तेमाल हफ्ते में दो बार ज़रूर करें। गंभीर ब्रोंकाइटिस की बीमारी के लिए इस मिश्रण का उपयोग रोज़ रात को ज़रूर करें।

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