भारत का एक ऐसा आइलैंड जो अब हो चुका है वीरान

भारत के अंडमान निकोबार द्वीपसमूह को आप सभी लोग जानते ही होंगे। यह अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। लेकिन इस खूबसूरती के बीच अंडमान निकोबार द्वीपसमूह का एक आइलैंड ऐसा भी है जो अब वीरान हो चुका है। इस आइलैंड को नेताजी सुभाषचंद्र बोस आइलेंड के नाम से जाना जाता है। इस आइलेंड को पहले रॉस आइलैंड के नाम से जाना जाता था। यह आइलैंड भारत की मुख्यभूमि से लगभग 1200 किलोमीटर दूर स्थित है। यह 0.31 वर्गकीलोमेटर में फैला हुआ है।

एक समय ऐसा भी था जब इस आइलैंड पर अंग्रेज अफसर और उनके परिवार रहते थे। तब इस आइलैंड पर वो सारी सुविधाएं उपलब्ध थी जो किसी शहर में उपलब्ध होती है। लेकिन आज यह आइलैंड वीरान है और इस आइलैंड पर जो इमारते थी अब वो खंडहर बन चुकी है। इस आइलैंड पर अब जंगल तेजी से फैलता जा रहा है। 1857 के संग्राम के बाद अंग्रेजों ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को इस आइलैंड पर लाकर उनसे इस आइलैंड को रहने योग्य बनवाया था। इस आइलैंड पर अंग्रेज अफसरों के रहने के लिए बंगले, खेलने के लिए टेनिस कोर्ट और प्राथना करने के लिए चर्च बनाये गए थे। अंग्रेजों ने यहा पर कई सरकारी इमारतों का भी निर्माण करवाया था। यहा पर जेल, बेकरी, कब्रिस्तान, दुकाने, स्विमिंग पूल, हॉस्पिटल, प्रिंटिंग प्रेस और वाटर प्लांट ये सब भी बनवाये गये थे।

1942 के बाद यह आइलैंड धीरे धीरे वीरान होने लगा था। क्यो की उस समय द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था। और जापान के हमले के डर से अंग्रेज इस आइलैंड को छोड़कर भाग गए थे। 1947 में भारत जब आजाद हुआ तो यह आइलैंड भी भारत का हिस्सा हो गया था। लेकिन यह आइलैंड अंग्रेजो के जाने के बाद से एकदम वीरान हो गया था। वर्तमान में इस आइलैंड पर हर साल हजारों पर्यटक घूमने के लिए जाते है।

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