10 हजार के करीब रन और 800 विकेट लेने के बाद आज यह खिलाड़ी चला रहा है दुकान जानिए क्या कारण है

श्रीलंका क्रिकेट टीम को विश्व क्रिकेट में एक दौर में सबसे जबरदस्त टीम में से एक माना जाता था। श्रीलंका का स्तर आज भले ही बहुत ही संघर्षपूर्ण नजर आ रहा है लेकिन एक दौर था जब इस टीम में एक से एक बेहतरीन खिलाड़ी थे और टीम किसी से कम नहीं थी। इसी टीम में ऑलराउंडर के रूप में पूर्व खिलाड़ी उपुल चंदाना भी मौजूद थे।

श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर उपुल चंदाना थे टीम के उपयोगी खिलाड़ी।उपुल चंदाना ने श्रीलंका क्रिकेट टीम को अपने उपयोगी प्रदर्शन के दम पर कई मैचों में जीत दिलायी है। चंदाना मध्यक्रम में अच्छी बल्लेबाजी करने के साथ ही स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते थे। लेकिन उनकी फील्डिंग सबसे दमदार मानी जाती थी।

श्रीलंका क्रिकेट टीम को उपुल चंदाना ने कई साल दिए। इन्होंने श्रीलंका के लिए 16 टेस्ट मैच के साथ ही 147 वनडे मैच भी खेले। चंदाना का प्रदर्शन भी ठीक-ठाक रहा जिन्होंने गेंद और बल्ले से अच्छा काम किया। पूरे करियर में चंदाना ने बनाए 9832 रन और हासिल किए 791 विकेट

बुधवार को श्रीलंका के अच्छे ऑलराउंडर्स में से एक उपुल चंदाना 48 साल के पूरे हो गए। इस मौके पर ही हम आपको इस ऐसे खिलाड़ी से रूबरू करवा रहे हैं जिनको हमेशा अंडररेटेड किया जाता रहा।

इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा उपुल चंदाना के करियर को देखे तो घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त कारनामा किया है। इन्होंने घरेलू स्तर पर 147 प्रथम श्रेणी मैच और 258 लिस्ट ए मैच खेले तो 12 टी20 मैच खेलने में भी सफल रहे। इन्होंने इन मैचों में मिलाकर कुल 9832 रन बनाने के साथ ही अपने नाम 791 विकेट भी दर्ज किए।

संन्यास के बाद खोली स्पोर्ट्स की दुकान

उपुल चंदाना ने साल 1994 में इंटरनेशनल करियर में डेब्यू किया। पहले वनडे खेलने का मौका मिला तो साल 1999 में टेस्ट में आगाज किया। 13 साल तक क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने 2007 में क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया।

संन्यास के बाद उपुल चंदाना के लिए अपने परिवार का पेट पालना सबसे बड़ी चुनौती बनी। वैसे तो संन्यास के बाद पूर्व क्रिकेटर कोचिंग या कमेंटेटर, क्रिकेट एक्सपर्ट के रूप में भाग्य अजमाते हैं

लेकिन चंदाना को अपने परिवार का गुजारा करने के लिए एक स्पोर्ट्स की दुकान खोलनी पड़ी।

स्पोर्ट्स की दुकान से पालते हैं परिवार का पेट.आज वो श्रीलंका में ही चंदाना स्पोर्ट्स के नाम से स्पोर्ट्स की दुकान चला रहे हैं। वैसे उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि स्पोर्ट्स की दुकान खोलना उनके बचपन से ही बड़ा सपना था। क्योंकि उन्हें उनके बचपन में सारा सामान नहीं मिल पाता था। इसी कारण से उन्होंने ये फैसला किया।

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