आखिर क्या है भानगढ़ का रहस्य, जिससे लगता है लोगो को डर?

भूत-प्रेत का नाम सुनते ही लोगों के दिल में डर का माहौल पैदा हो जाता है। तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है, जिन्हें ये सब मनगढ़त कहानी लगती है। लेकिन आज भी कुछ जगह और स्थान है, जिससे मन में खौफ आ जाता है, और वो जगह है भानगढ़। भानगढ़ राजस्थान में अलवर के जंगलों में स्थित है। ऐसा माना जाता है कि सूरज डुबते ही लोग उस रास्ते से गुज़रना बंद कर देते है। इस बात की सच्चाई को जानने के लिए एक बार एक अंग्रेज़ दिन-रात वही रूका, और सुबह मिली तो सिर्फ उसकी लाश।

जानिए, भानगढ़ की पुरी कहानी

आज से तकरीबन कई साल पहले भानगढ़ में राजा छतर सिंह का राज था। उनकी एक बेटी थी रत्नावती। रानी काफी रूपवान थी, साथ ही रानी को तंत्र विद्दा का भी अच्छा ज्ञान था। माना जाता है कि सिंघा नाम का एक तांत्रिक रानी के रूप से इतना प्रभावित हुआ कि तांत्रिक के मन में रानी को पाने की लालसा बढ़ गई।

एक बार रानी की एक दासी रानी के लिए इत्र लाने बाज़ार गई। उस दौरान तांत्रिक ने इत्र की बोतल में तंत्र विद्दा कर दासी को रानी के लिए दिया और कहा कि इससे रानी का कल्याण होगा। दासी ने आने के साथ ही रानी को इस बारे में बताया, साथ ही उस तांत्रिक का हुलिया भी बता दिया। रानी ने अपनी तंत्र शक्ति से इस मामले को जानने की कोशिश की, जिसके बाद रानी के गुस्से की सीमा न रही।

रानी ने इत्र की बोतल को इतनी तेज़ पटका की बोतल पहाड़ पर जाकर टूटी। जहां वो दुष्ट तांत्रिक साधना में लिन था। उसी वक्त उस तांत्रिक की मृत्यु हो गई। कहा जाता है कि तांत्रिक ने मृत्यु से पहले श्राप दिया था कि केवल मंदिर के छोड़कर पुरा भानगढ़ तबाह हो जाएगा।

क्या था वो तंत्र, जिससे रानी क्रोधित हो गई

दुष्ट तांत्रिक रानी को पाने के लिए सारी हदें पार कर चुका था। इत्र की बोतल में तांत्रिक ने रानी को अपने प्रेमजाल में फसाने के लिए तंत्र शक्ति का इस्तेमाल किया था। जिससे रानी कई अधिक क्रोधित हो गई थी।

इस पुरी घटना के बाद लोगो का मानना है कि भानगढ़ में लोगो की अकाल मृत्यु की वजह से ये पुरा किला भुतिया हो गया। शायद यही एक वजह है जिससे आज तक वापस ये जगह नहीं बस पाया।   

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