हाई-स्पीड डीजल और सामान्य डीजल में क्या अंतर है?

यह अंतर डीजल इंजन के स्पीड पर निर्भर करता है । डीजल इंजन के स्पीड को rpm आरपीएम (रेवोलुशन पर मिनट /revolution per minute ) में व्यक्त करते हैं, अर्थात इंजन का क्रैन्कशाफ्ट एक मिनट में कितने चक्कर घूमता है।

डीजल इंजन के स्पीड के आधार पर वर्गीकरण निम्नवत है।

लो स्पीड :250 – 400 rpm

मीडियम स्पीड: 250/400 – 900/1200 rpm

हाई स्पीड : 900/1200 rpm से ज्यादा

भारतीय रेल में प्रयुक्त होने डीजल इंजन 1000 rpm पर चलते हैं और इनमें हाई स्पीड डीजल (HSD – HIGH SPEED DIESEL) प्रयोग होता है ।

यह इंजन का वर्गीकरण हुआ ;

हाई स्पीड डीजल और सामान्य डीजल में कोई अंतर नहीं है। सड़क पर चलने वाले सारे ऑटोमोबाइल में HSD ही प्रयुक्त होता है। पेट्रोल पंप जो भी डीजल रखते हैं वो हाई स्पीड डीजल ही होता है।

लो स्पीड डीजल जिसे लाइट डीजल आयल कहते हैं (LDO ) औद्योगिक प्रयोजन हेतु सामान्यतया 750 rpm से कम के इंजन यथा समुद्री जहाज , बायलर, फर्नेस, जनरेटर हेतु प्रयुक्त होते हैं।

इनमें मुख्य अंतर यह है कि

हाई स्पीड डीजल 100% डिस्टिलेट /distillate उत्पाद हैं

लाइट डीजल आयल में डिस्टिलेट + कुछ अवशिष्ट /residue उत्पाद

यह अवशिष्ट /residue उत्पाद क्या हैं ?

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