सुबह खाली पेट ताम्बे के बर्तन मे रखा पानी पीने से होते है गजब के स्वास्थ फायदे

आज के इस औधोगिक युग मे जहाँ असंख्य प्रयोगशाला, कारखाना और कंपनी खुल चुके है, वहीँ रोज इन जगहों से हज़ारो टन कचड़ा निकलता है। इन कचड़ों के निकलने से वायु के साथ साथ पानी भी दूषित हो रहा है। ये सारे कचड़े या तो नदी मे या फिर सागर मे बहा दिये जाते है। जो धरातल मे जा कर पे जल को प्रदूषित कर देते है।

दूषित पानी से नाना प्रकार की बीमारियां हो रही है। इनमे सबसे ज्यादा पेट की बीमारिया आम है। दूषित जल पीने योग्य बनाने के लिए इसे फिल्टर मशीनों द्वारा प्यूरीफाई किया जाता है। लेकिन इस प्रक्रिया मे पानी मे उपस्थित बहुत से ऐसे मिनरल्स खत्म हो जाते है जो की हमारे शरीर के लिए ज़रूरी होता है।

पुराने जमाने मे ताम्बे के बर्तन बहुत प्रयोग मे लाये जाते थे। ताम्बे मे बहुत गुण होते है। इसमे एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज पाये जाते है। इससे सारी स्वास्थ समस्याये खत्म हो जाती है। ताम्बे के बर्तन मे खाना खाने से बहुत सारी बीमारियां दूर होती है। आज के इस लेख मे हम ताम्बे के बर्तन मे रखा पानी पीने के स्वास्थ लाभ के बारे मे जानेंगे। आयुर्वेद के अनुसार ताम्बे के बर्तन मे रखा पानी पीने से वात, पित्त और कफ संबंधी तीनो दोष ठीक हो जाते है। शरीर मे यदि वात पित्त और कफ का संतुलन बिगड़ जाये तो इन्ही से सारी बीमारिया जन्म लेने लगती है।

प्रतिदिन सुबह उठ कर ताम्बे के बर्तन मे रखा पानी पीने से होते है यें चमत्कारिक स्वास्थ लाभ:

1. पेट सम्बंधी रोगों व पाचनतंत्र के लिए अमृत समान है ताम्बे के बर्तन मे रखा पानी। यह पेट की सारी समस्यायों को जड़ से खत्म करता है यह सिद्ध हो चुका है। हमारे शरीर मे तीन मुख्य अंग है पेट लिवर व किडनी। ताम्बे का पानी इन तीनो अंगो को डीटाक्सिफ़ाई करता है। ताम्बे का पानी पेट की हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। प्रतिदिन सुबह ताम्बे का पानी पीने से पेट मे कभी भी अल्सर और किसी भी प्रकार का संक्रमण नही होता।

2. गठिया, घुटनो मे दर्द, त्वचा संबंधी रोग, मोटापा, घाव मे संक्रमण आदि समस्यायों मे लाभ कारी:

प्रतिदिन ताम्बे का पानी पीने से गठिया की बीमारी मे राहत मिलती है। इससे हड्डिया मज़बूत होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ताम्बे के बर्तन का पानी त्वचा संबधी रोगों का नाश करता है। प्रतिदिन इस पानी को पीने से चेहरे से दाग धब्बे मुहासे फोड़े और फुंसी गायब हो जाते है। ताम्बे के पानी मे एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे त्वचा मे चमक आने लगती है और एक लंबे समय तक त्वचा जवान और खूबसूरत बना रहता है। ताम्बे का पानी चुकी पाचनतंत्र के लिए बहुत ही फायेदेमंद होता है इसीलिये इसके सेवन से शरीर का फैट बर्न होता है और मोटापा घटने लगता है। ताम्बे के पानी मे मिले एंटीबैक्टीरियल तत्व शरीर के घाव मे इंफेक्शन नही होने देता और इसे भरने मे मदद करता है।

रोज रात को सोते समय किसी भी शुद्ध ताम्बे के बर्तन मे 1-2 लीटर या ज़रूरत के हिसाब से पानी भर कर रख दें। सुबह उठ कर इस पानी को खाली पेट मे पी लें। रात भर पानी ताम्बे के बर्तन मे रहने से इसमे ताम्बे के गुण चार्ज्ड हो जाते है। इस काम को आप दिन मे भी कर सकते है। दिन मे सुबह के वक्त ताम्बे के बर्तन मे पानी रख देने से वह रात को पीने योग्य बन जाता है। खाना खाने के बाद इस पानी के सेवन से भोजन बहुत अच्छी तरह से हज़म होता है। भूक बढ़ने लगती है सेहत दुरुस्त हो जाता है और सुबह पेट हल्का होने मे किसी भी तरह की कठिनाई नही होती। ताम्बे का पानी कब्ज से छुटकारा दिलाता है।

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