साइनस को जड़ से ख़त्म करने के उपाय-घरेलू नुस्खे क्या हैं ? जानिए इसके बारे में

Sinus एक बहुत ही गंभीर समस्या है। इसको अगर सही समय पर ठीक नहीं किया गया तो आगे चलकर ये बड़ी समस्या बन सकती है।

सर्दी-जुकाम की समस्या को हम छोटी सी बीमारी समझकर उसपर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन, अगर आपको यह समस्या लगातार परेशान कर रही हैं, तो यह साइनस हो सकता हैं।

साइनस नाक का रोग हैं। बरसात और सर्दियों में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती हैं। इससे राहत पाने के लिए कुछ लोग अंग्रेजी दवाइयों का सेवन करते हैं।

Sinus के लक्षण

साइनस के लक्षण हैं। नाक का बंद, सिर में दर्द, आधे सिर में तेज दर्द, नाक से पानी गिरना, कफ, और बलगम का बहुत ज्यादा जमा होना। इसमें रोगी को हल्का बुखार, आंखों में भारीपन, तनाव, चेहरे पर सूजन, नाक व गले में बार बार कफ जमना और गले में खराश या दर्द आदि होता हैं।

नाक बंद होने पर ठीक से बात नहीं कर सकते। नाक की हड्डी बढ़ जाती हैं या तिरछी हो जाती हैं जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत होती हैं। ऐसे में रोगी को जब भी ठण्डी हवा, धूल, और धुआँ हड्डी पर टकराता हैं, तो रोगी को छींक शुरू हो जाती हैं। नाक से पानी आने लगता हैं, और दर्द भी होने लगता हैं.

कुछ रोगियों को साइनस का ऑपरेशन कराना पड़ता हैं। ऑपरेशन होने के बाद भी नाक में कफ जमता रहता हैं, और बार-बार ऑपरेशन कराने से नाक का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता हैं।

साइनस देखने और सुनने में छोटी सी समस्या लगती हैं, लेकिन यह बहुत गंभीर और खतरनाक बीमारी हैं। सही समय पर इलाज न करने से साइनस अस्थमा और दमा जैसी गम्भीर बीमारियों में भी बदल सकता हैं।

यहाँ हमने साइनस की समस्या को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय के बारे में बताया हैं.

  1. योगा (Yoga)

Sinus की समस्या को दूर करने के लिए योगा प्राणायाम सबसे अच्छा उपाय हैं। नाक बंद होने के कारण सांस लेने में दिक्कत और सिर में दर्द जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।

योगासन प्राणायाम करने से आप आसानी से साइनस में सांस ले सकते हैं, क्योंकि इससे नाक के छेद खुल जाते हैं। साइनस के रोगी को कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम जरूर करना चाहिए।

शुरू में प्राणायाम करने में परेशानी होगी। लेकिन, लगातार अभ्यास करने से लाभ होगा। जैसे जैसे अभ्यास बढ़ता जाएगा साइनस कम होता जाएगा।

कपालभाति (Kapalabhati)
कपालभाति साइनस के साथ साथ हमारे दिमाग के लिए भी बेहद जरूरी हैं। इस आसन को करने से हमारी याद्दाश्त बढ़ती हैं, और श्वसन प्रक्रिया में आने वाली बाधा भी दूर होती हैं। इसे रोज 10 मिनट करने से ही कई तरह की शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिल सकता हैं।

अनुलोम विलोम (Anulom Vilom)
सांस लेने की सबसे अच्छी प्रक्रिया अनुलोम विलोम हैं। इससे नाक साफ हो जाती हैं, और Sinus की समस्या से आराम मिलता हैं। इस आसन को करने से दिमाग तक खून का प्रवाह भी अच्छे से होता हैं।

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