सलमान की बहन अर्पिता खान परिवार का हिस्सा कैसे बनीं?

बॉलीवुड के दबंग खान सलमान को कोई ‘भाई’ बोल दे तो उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। मानो वो बोलने वालों का मुंह तोड़ देंगे। मगर वहीं यह लड़की यदि उन्हें भाई बोल दे तो वो अपनी सारी खुशियां लुटाने को तैयार हो जाते हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह लड़की कौन है।

दरअसल हम बात कर रहे हैं सलमान खान की बहन अर्पिता खान की। जो की अभी सलमान की सजा से काफी आहत हुई है , जब सलमान को 5 साल की सजा सुनाकर अपना फैसला दिया तो ये फुट – फुट कर रोने लगी। जब तक सलमान की रिहाई नही हुई तब तक वो और अलवीरा (सलमान की दूसरी बहन) सलमान के साथ थी, और जब सलमान की रिहाई की खबर आई तो दोनों बहनों ने मिठाइयाँ बाटी। बॉलीवुड पार्टी हो या फिर कोई अवॉर्ड फंक्शन। फिल्म प्रमोशन हो या फैमिली सेलेब्रेशन।अर्पिता की मौजूदगी खान परिवार में आकर्षण का केंद्र रहती है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि अर्पिता को खान परिवार ने गोद लिया था। यह और बात है कि खान परिवार का अर्पिता के प्रति प्रेम बिल्कुल ऐसा है मानो वो उनकी सगी बेटी हो।

सलमान को अगर कोई भाई बोल दे तो वो उस पर बरस पड़ते है लेकिन अगर ये हि शब्द अर्पिता बोले तो उस पर वो अपना सारा प्यार लुटा देते है , कोई महसूस भी नही कर सकता की वो उनकी अपनी बहन नही है या खान परिवार की बेटी नही है और अर्पिता 5 भाई बहन में सबसे छोटी है। वैसे सलीम खान ने तीन बेटे (सलमान, अरबाज, सोहेल) और एक बेटी अलवीरा के होते हुए अर्पिता को गोद क्यों लिया? इसके कई कारण बताए जाते हैं।

एडॉप्शन के पीछे हजारों बातें

ऐसा कहा जाता है कि अर्पिता को सलमान के माता-पिता सलीम खान और सलमा खान द्वारा एडॉप्ट किया गया था। लेकिन इसके अलावा भी अर्पिता के एडॉप्शन को लेकर मीडिया में कई कहानियां हैं। सलमान के पिता सलीम खान और माँ सलमा अक्सर सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाया करते थे और वहां फुटपाथ पर बैठे गरीबों को कुछ ना कुछ दान किया करते थे।

उन गरीब लोगों में से एक अर्पिता की माँ भी थी। खबरों के अनुसार, उन दिनों जब सलीम और सलमा फुटपाथ के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि अपनी बेटी (अर्पिता) को जन्म देने के बाद उस गरीब महिला (अर्पिता की माँ) की मृत्यु हो गई थी। मासूम को ऐसी हालत में फुटपाथ पर पड़ा देख सलीम और सलमा का दिल पसीज गया। वो उसे अपने साथ अपने घर ले आए। बाद में दोनों ने उस मासूम बच्ची को अपने परिवार का हिस्सा बनाने का फैसला लिया। यह अर्पिता ही थी।

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