शास्त्रों के अनुसार दरिद्रता का वास कहाँ-कहाँ होता है?

इस दुनिया में कोई भी गरीबी का जीवन जीना नहीं चाहता ।लेकिन इन सब के बावजूद भी कई बार कई कारणों से दरिद्रता हमारा पीछा नहीं छोड़ती। हम दिन रात मेहनत करते हैं लेकिन हम उस मेहनत का पूर्ण फल नहीं पा सकते। इसके पीछे जाने -अनजाने में हमारे कई कारण होते हैं।

आइए जानते हैं उन कारणों के बारे मे –

रसोईघर में झूठे बर्तन –

अगर हम रात को रसोई घर में झूठे बर्तन रखकर सोते हैं तो हमारे घर में दरिद्रता का वास होता है। इसीलिए हमें रात को अपना रसोईघर पूरा साफ सुथरा करके सोना चाहिए।क्योंकि ऐसे घर में लक्ष्मी का वास होता है।

कांटेदार पौधे-

जिस घर में कांटेदार पौधे लगे होते हैं वहां भी दरिद्रता का वास होता है। इसीलिए हमें कांटेदार पौधे जैसे कि गुलाब’ कैक्टस आदि पौधों को हमें घर से बाहर लगाना चाहिए।

ग्रह कलेश-

जिस घर में ग्रह कलेश रहता है उस घर में भी दरिद्रता का वास होता है। इसीलिए घर में लड़ाई- झगड़ा नहीं करना चाहिए।हमें आपस में मिल -जुल कर रहना चाहिए।

दीपदान –

जिस घर में संध्या के समय अंधेरा रहता है और दीपक नहीं जलता वहां पर भी दरिद्रता का वास होता है। शाम को एक बार हमें पूरे घर में प्रकाश करना चाहिए और भगवान का भजन करना चाहिए।

सफाई –

जिस घर में गंदगी रहती है वहां भी दरिद्रता निवास करती हैं। इसलिए अपने घर में पूर्णतया सफाई रखनी चाहिए और कहीं भी जाले इत्यादि नहीं लगने देने चाहिए।

मैंले वस्त्र धारण करना-

जो लोग मैले वस्त्र धारण करके रहते हैं उनके यहां भी दरिद्रता का वास होता है। इसीलिए हमेशा स्वच्छ वस्त्र धारण करके रहना चाहिए।

साफ-सुथरा मंदिर-

जिस घर में पूजा का स्थान साफ सुथरा नहीं होता वहां भी दरिद्रता वास करती हैं। इसीलिए हमें अपने पूजा स्थल को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए।

सूर्य निकलने के बाद उठना-

जो लोग सूर्य निकलने के बाद उठते हैं वहां भी दरिद्रता वास करती हैं। इसीलिए हमें प्रातकाल जल्दी उठना चाहिए ।क्योंकि देर से उठने पर माता लक्ष्मी हम से रुठ जाती हैं।

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