शास्त्रों के अनुसार घर में दरिद्रता आने के क्या खास कारण होते हैं?

शास्त्रों के अनुसार घर में दरिद्रता आने के कई मुख्य कारण हैं जो हमारे नितकर्मों से ही जुड़े हैं। दरिद्रता तन, मन और धन कैसे भी हो सकती है।:

1.पितृ दोष – मुख्य कारण पितृ दोष माना जाता है। जिस घर में पितरों कि पूजा होती है वहां सुख ज़रूर होता है। यह पितरों कि ही शक्ति होती है जो हमें निरंतर मदद करती रहती है। पितृ पूजा का यह मतलब नहीं कि श्राद्ध पक्ष आया तो बस पंडित को दान दे दिया और हो गई पितरों कि पूजा।

पितरों के नाम पर आप जब भी कुछ करें बहुत श्रृद्धा से करें। श्राद्ध पक्ष में तो दान दें ही लेकिन साल में अमावस पर भी कभी कभी दे दिया करें उनके नाम पे जो भी आपकी श्रृद्धा हो। जिनको पितृ ऋण है वो उसकी एक बार अच्छे से पूजा भी ज़रूर करा लें।

2. पूजा पाठ न होना – जिस घर में पूजा पाठ नहीं होता वहां सुख समृद्धि कभी नहीं आता। इसलिए कम से कम एक बार पूजा पाठ ज़रूर करें।

3. स्त्रियों का सम्मान न होना – स्त्रियों को यूं ही लक्ष्मी जी नहीं कहा गया है। जिस घर में स्त्री का सम्मान नहीं, समझलो वहां लक्ष्मी का निवास नहीं। स्त्रियों को रोने भी न दें, चाहे वो बीवी हो या बेटी या बहन। जो पुरुष बेवजह अपनी स्त्री से लड़ते हैं या बिना बात बस गुस्सा करते रहते हैं उनके घर में हमेशा आर्थिक तंगी होगी।

4. माता पिता की सेवा – आजकल हर जगह न्यूज आती है कि उसने अपने मा बाप को वृद्ध आश्रम रख दिया। मा बाप की सेवा नहीं होती तो भी ऋण चढ़ जाता है इसलिए माता पिता को खुश रखिए। जो लोग माता पिता के कष्ट के समय उनका खयाल नहीं रखते उनको ये बात कभी नहीं भूलनी चाहिए कि वो भी कभी उस स्थिति में आएंगे।

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