विश्व में और भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कब हुई?

1989 टिम बेर्नर ली ने इंटरनेट पर संचार को सरल बनाने के लिए ब्राउज़रों, पन्नों और लिंक का उपयोग कर के वर्ल्ड वाइड वेब बनाया और 1998 में गूगल के आने के बाद इंटरनेट का चेहरा ही बदल गया जिससे आज हम सब वाकिफ हैं।

Internet की मजेदार बातें

आज की दुनिया की कल्पना बिना इंटरनेट के करना बहुत ही मुश्किल काम है। आज भोजन और पानी के बाद हमारी सबसे बड़ी जरूरत है इंटरनेट, आज हमारे सभी काम लगभग लगभग इंटरनेट के बिना अधूरे हैं। चाहे हमें कोई भी जानकारी चाहिए हो या फिर हमें पढ़ना हो या हमें किसी से बात करना हो आज इंटरनेट हमारी इन सभी जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। बिना इंटरनेट के हम इस दुनिया से बिलकुल अलग हो जायेंगे।

भारत में इंटरनेट की शुरुवात :-

इस क्रम में आज हम जानेंगे भारत में इंटरनेट का इतिहास क्या था। विदेश संचार निगम लिमिटेड यह पहली कंपनी थी जिसने भारत में इंटरनेट को लाया, भारत में इंटरनेट की शुरुआत 14 अगस्त सन 1995 में हुई थी हालांकि इसे शुरू 15 अगस्त के दिन किया गया था। विदेश संचार निगम लिमिटेड अपने अपने टेलेफोन लाइन ब्रॉडबैंड से के जरिए दुनिया से भारत के कंप्यूटरों को जोड़ा था।प्यूटर ही इंटरनेट से जुड़े हुए थे। शुरुआत के उस दौर में इंटरनेट की स्पीड भी बहुत ही कम थी। उस वक्त इंटरनेट की स्पीड 9 से 10 kbps थी। शुरुआती दौर में इंटरनेट का उपयोग सिर्फ महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए किया जाता था। इससे कुछ बड़े-बड़े कॉलेज और संस्थान ही जुड़े हुए थे।

इससे कई ढेर सारे भारतीय उपभोक्ता इन्टरनेट से जुड़ गए और आज लगभग लगभग 90% स्मार्टफोन धारक भारत में इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। जिनमें से एक आप भी हैं जो अभी इस पोस्ट को इंटरनेट के माध्यम से पढ़ रहे हैं। आज भारत इंटरनेट प्रयोग के मामले में प्रथम स्थान है पर है इसका श्रेय जियो को जाता है।

एक सर्वे के अनुसार भारत में इंटरनेट की एवरेज स्पीड 7MB प्रति सेकंड है। हालांकि यह स्पीड सभी राज्यों और सभी जगहों के लिए सामान्य नहीं है। कुछ जगहों पर आज भी इंटरनेट की स्पीड बहुत ही धीमी है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का स्थान इंटरनेट स्पीड के मामले में 117वां है।

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