वह काले मुंह वाला बंदर कौन था जिसकी प्रेरणा से जज ने राम जन्मभूमि मंदिर का ताला खोलने का आदेश दिया था? जानिए

1 फरवरी 1986 को राम जन्मभूमि का ताला खोलने में तीन लोगों की भूमिका थी- जिला न्यायालय जज, राजीव गाँधी की सरकार और एक बन्दर !

उस समय फैजाबाद के जिला जज थे केएम पांडेय, जिस दिन जज साहब फैसला सुनाने वाले थे उस दिन एक काले मुंह वाला बन्दर अर्थात लंगूर कोर्ट की छत पर झंडा🚩 लेकर बैठा था। फैजाबाद और अयोध्या के लोग उसे मूंगफली और फल खाने के लिए दे रहे थे, लेकिन चकित करने वाली बात यह थी कि वह कुछ भी खा नहीं रहा था। वह कपि 4.40 शाम को फैसला सुनाने के बाद ही वहाँ से हटा।

फैजाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान जज को उनके बंगले -तक पहुंचाने गये तो उनके बरामदे में फिर वही वानर दिखा जज साहब ने फिर उसे नमस्कार किया और उन्हें लगा यह कोई दैवीय वानर था। उसने आदेश तो नहीं दिया था लेकिन प्रभावित जरूर किया था।

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