लोग मंहगा आईफोन क्यों खरीदते हैं, यह जानते हुए भी की आईफोन की बैटरी क्षमता कम होती है?

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आईफोन की जिस विशेषता के कारण इसका मूल्य अन्य स्मार्टफोन से अधिक होता हैं, उसका महत्व अधिकांश भारतीय फोन उपभोक्ताओं के लिए नही होता हैं।

भारत मे आईफोन का उपयोग करने वाले लोगों में से बहुत ही कम लोग इस फोन का उपयोग शुद्ध व्यापारिक कार्यों में करते होंगे।

आईफोन महंगा होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण उसका सेक्युरिटी सिस्टम हैं। यह सुरक्षा चक्र उन व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं जो फोन का उपयोग बड़े व्यावसायिक कार्यों में करते हैं। इसीलिए आईफोन अपना ऑपरेटिंग सिस्टम खुद बनाता हैं। वह एंड्रॉयड या अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम के भरोसे अपने ग्राहकों की सुरक्षा संचालित नही करता हैं।

आईफोन महंगा होने का दूसरा बड़ा कारण कंपनी के द्वारा तकनीकी रिसर्च में किया जाने वाला पूंजी निवेश हैं। रिसर्च पर अधिक व्यय किये जाने से प्रोडक्ट की उत्पादन लागत बढ़ जाती हैं, जिसका व्यापक प्रभाव प्रोडक्ट के मूल्य पर पड़ता हैं।

भारत मे स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का एक बड़ा सेगमेंट आईफोन का उपयोग व्यापारिक कार्यों में उस प्रकार नहीं करता हैं, जैसा यूरोपीय देशों में होता हैं।

यहाँ आईफोन लोगों के लिए स्टेटस सिंबल बन चुका हैं। अतः अंधानुकरण की दौड़ में अपने रिश्तेदारों, मित्रों या ऑफिस के लोगों में प्रतिष्ठा कायम रखने के लिए आईफोन अधिक खरीदे जा रहे हैं।

विद्यार्थियों के लिए भी स्टेटस सिंबल एक जुनून बन चुका हैं। वे बेल्ट से लेकर टीशर्ट, जीन्स, बेल्ट, जूते, मोजे यहाँ तक कि अंडर गारमेंट्स भी ब्रांडेड ही उपयोग करना चाहते हैं।

यहाँ ब्रांडेड प्रोडक्ट से अभिप्राय लोकल नहीं बल्कि ग्लोबल ब्रांड्स से हैं।

देश की आजादी के बाद भी वर्षों तक भारतीय आर्थिक नीति में उदारीकरण एवं मुक्त व्यापार को प्रोत्साहन नही दिया गया। इसका कारण यहाँ की घरेलू कंपनियों को व्यापारिक प्रतियोगिता से बचाना रहा हैं। अतः विदेशी सामान के प्रति भारतीयों का विशेष आकर्षण होना, एक सामान्य सी बात हैं।

1991 की आर्थिक नीति में उदारीकरण, वैश्वीकरण एवं निजीकरण को बढ़ावा मिलने से लोगों की पहुंच अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक आसान हो गई हैं।

आज हमारे देश मे स्टेटस सिंबल के रूप में विदेशी ब्रांड्स का प्रयोग करने की प्रवृत्ति इस कदर हावी हो चुकी हैं, कि निम्न मध्यम वर्ग का उपभोक्ता भी अपनी अन्य जरूरी आवश्यकताओं में कटौती कर आईफोन जैसे महंगे स्मार्टफोन को लिए घूमते हैं।

निश्चित तौर पर ग्लोबल ब्रांड होने के कारण आईफोन की बिल्ड क्वालिटी अच्छी हैं, किन्तु इसकी कीमत में जितना फ़र्क है, उतनी भी अच्छी नहीं।

यदि आईफोन के विशेष सिक्युरिटी सिस्टम को नजरअंदाज कर दिया जाए, तो इससे काफी कम मूल्य पर अन्य प्रतियोगी ब्रांड्स के स्मार्टफोन उपलब्ध हैं, जो शेष हर मामले में आईफोन से बेहतर साबित होंगे।

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