लैपटॉप और डेस्कटॉप पीसी में शटडाउन और हाइबरनेट के बीच अंतर क्या है? जानिए

यह ऑप्‍शन लैपटॉप के लिए डिजाइन किया गया है और यह सभी कंप्यूटरों के लिए उपलब्ध नहीं है|

हाइबरनेट मोड, स्‍लीप मोड के जैसा ही है, लेकिन इसमें सभी ओपन डॉक्युमेंट्स और ऐप्‍लीकेशन्‍स को रैम में स्‍टोर करने के बजाय हार्ड डिस्‍क पर स्‍टोर किया जाता है| इससे लैपटॉप को पूरी तरह से ऑफ किया जा सकता है, जिसका अर्थ यह है कि एक बार आपने हाइबरनेट मोड में लैपटॉप को ड़ाल दिया तो वह पावर का यूज नहीं करता| फिर जब लैपटॉप को पावर ऑन किया जाता है, तब वह पावर ऑन होते ही सभी ओपन ऐप्‍लीकेशन और डॉक्‍यूमेंटस् को रिज्‍यूम करता है क्‍योकि वह डेटा हार्ड डिस्‍क पर स्‍टोर होता है|

यदि आप ज्‍यादा समय तक लैपटॉप पर काम नहीं करने वाले है, लेकिन इसके साथ ही आप डॉक्‍यूमेंटस् को क्‍लोज भी नहीं करना चाहते, तो हाइबरनेट मोड का उपयोग किजिए|

हाइबरनेट मोड का डिसएडवांटेज यह है कि, यह काफी डिस्‍क स्‍पेस लेता है, क्‍योंकि इसमें रैम का सभी डेटा हार्ड डिस्‍क पर स्‍टोर किया जाता है| आप सिस्‍टम ड्राइव के रूट फोल्‍डर में hiberfil.sys फ़ाइल कि साइज से पता लगा सकते है कि कितनी स्‍पेस हाइबरनेट मोड में यूज होती है|

दूसरा डिसएडवांटेज यह है कि यह स्‍लीप मोड की तुलना में हाइबरनेट मोड से वापस स्विच ऑन करने पर रिज्‍यूम होने में समय ज्‍यादा लगता है|

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