राष्ट्रपति ट्रंप ने WHO पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्यों

अमेरिका में कोरोना वायरस का संकट तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ट्रायल के तौर पर भारत से दवा की सप्लाई की उम्मीद कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा न होने पर जवाबी कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि अगर भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा सप्लाई करता है तो ठीक, वरना हम जवाबी कार्रवाई करेंगे। आखिर हम इसका जवाब क्यों नहीं देंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम WHO पर खर्च की जाने वाली राशि पर रोक लगाने जा रहे हैं। हम इस पर बहुत प्रभावशाली रोक लगाने जा रहे हैं। अगर यह काम करता है तो बहुत अच्छी बात होती।

लेकिन जब वे हर कदम को गलत कहते हैं तो यह अच्छा नहीं है।’ ट्रंप ने आरोप लगाया कि उनको मिलने वाले वित्तपोषण का अधिकांश या सबसे बड़ा हिस्सा हम उन्हें देते हैं। जब मैंने यात्रा प्रतिबंध लगाया था तो वे उससे सहमत नहीं थे और उन्होंने उसकी आलोचना की थी।

पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 25 मार्च को इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी। हालांकि, डीजीएफटी ने कहा था कि मानवता के आधार पर मामले-दर-मामले में इसके कुछ निर्यात की अनुमति दी जा सकती है। अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक इस वायरस से अमेरिका में 8,000 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है।

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