यह है भारत की सबसे लंबी सुरंग ,जानिए आप भी

भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग

पीर पंजाल रेल सुरंग (Pir Panjal Railway Tunnel) या बनिहाल रेल सुरंग (Banihal railway tunnel) एक 11.215 किमी (7 मील) लम्बी रेल सुरंग है जो भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के बनिहाल क़स्बे से उत्तर में हिमालय की पीर पंजाल पर्वतमाला से निकलती है। इसका निर्माण 26 जून 2013 को पूरा हुआ और इसपर रेल सेवाएँ 27 जून 2013 को शुरु हो गई। यह सुरंग ऑस्ट्रिया की भूगर्भीय तकनीक एवं मृदा विज्ञान से बनी भारत की पहली सुरंग है।पीर पंजाल लंबाई के आधार पर एशिया की दूसरी सबसे बड़ी सुरंग है।

इस 11.215 किमी लम्बी सुरंग की औसत ऊँचाई 1,760 मीटर (5,770 फ़ुट) है, यानि पहले से सड़क मार्ग पर स्थित जवाहर सुरंग से लगभग 440 मीटर (1,440 फ़ुट) नीचे सुरंग 8.40 मीटर चौड़ी और 7.39 मीटर ऊँची है। इसमें रेल पटरी के साथ-साथ एक 3 मीटर चौड़ी सड़क भी है जिसपर आवश्यकता पड़ने पर रेल पटरी की देखभाल के लिए एवं सुरंग के भीतर आपातकालीन सहायता पहुँचाने के लिए वाहन चलाया जा सकता है। यह भारत की सबसे लम्बी रेल सुरंग है और एशिया की चौथी सबसे लम्बी। जापान की 53.85 किमी लम्बी सेइकान सुरंग (Seikan Tunnel), चीन की 28 किमी लम्बी ताइहांग सुरंग (Taihang Tunnel) और चीन ही की 21 किमी लम्बी लुलियांगशान सुरंग (Luliangshan Tunnel) इस से लम्बी हैं। औसत रफ़्तार पर पीर पंजाल रेल सुरंग से रेलगाड़ी निकलने में 9 मिनट 30 सैकिंड लगते हैं।

भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 2 अप्रैल 2017 को भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग- 9 किलोमीटर लंबी ‘चेनानी – नैशारी सुरंग’ राष्‍ट्र को समर्पित की थी।

एनएच-44 पर बनी यह सुरंग जम्मू को श्रीनगर से जोड़ती है और इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय में दो घंटे तक की कमी हो जाती है। यह बर्फ से घिरी ऊपरी सीमाओं दरकिनार करती है जिससे दोनों शहरों के बीच दूरी 31 किलोमीटर घट जाती है। इससे रोजाना करीब 27 लाख रुपये मूल्‍य के ईंधन की बचत होगी।

बड़े पैमाने पर वनों और पेड़ों की कटाई से बचने के अलावा यह सुरंग जम्मू और उधमपुर से रामबन, बनिहाल और श्रीनगर की यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित एवं सभी मौसम का मार्ग मुहैया कराती है।

यह सुरंग विश्वस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से सुसज्जित है और इससे जम्मू-कश्मीर राज्य में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

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