यह है भारत की सबसे लंबी नदी जिसे देखने आते हैं लोग दूर-दूर से जानिए इसके बारे में

भारत नदियों का देश है तथा यहां पर नदियों को माता के रूप में पूजा जाता है | प्राचीन काल में भी जितनी भी बड़ी सभ्यताओं ने जन्म लिया तथा जिनका विकास हुआ | वह सब नदियों के किनारे ही बसा करती थी |

क्योंकि नदियों के किनारे पर खेती के लिए और पीने के लिए जल आसानी से उपलब्ध हो जाया करता था | पाषाण काल में अनाज और जल का ही अधिक महत्व था इसी कारण इन नदियों को जीवनदायिनी के रूप में पूजा जाता था

भारत में छोटी बड़ी नदियों की कुल संख्या 200 से भी अधिक है | जिनमें से 9 मुख्य नदियां है | गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, इंडस, नर्मदा, तापी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि | पर क्या आप जानते हैं कि भारत की sabse lambi nadi कौन सी है? शायद नहीं ? तो इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है तथा इसकी कुल लंबाई कितनी है |

भारत की सबसे लंबी नदी
भारतीय उपमहाद्वीप की 3 प्रमुख नदियां है गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु. अगर हम भारत में नदी द्वारा तय की गई कुल दूरी पर विचार करें तो गंगा ही भारत की सबसे लंबी नदी है हालांकि गंगा की तुलना में ब्रह्मपुत्र और सिंधु की कुल लंबाई अधिक हैं

लेकिन भारत में यह दोनों नदियां गंगा की तुलना में बहुत कम दूरी तय करती है. तथा इन दोनों नदियों का उद्गम स्थान भी भारत से बाहर है. सिंधु का उद्गम स्थल मानसरोवर झील के निकट है. और यह नदी लद्दाख गिलगित और बालटिस्तान के कुछ इलाकों से होकर गुजरती हुई पाकिस्तान में प्रवेश करती है |

इसी नदी के किनारे पर सिंधु घाटी सभ्यता का जन्म हुआ था जो कि सबसे पहले शहरी सभ्यताओं में से एक थी बाद में यह सिंधु नदी के रूप में विकसित हुई

सिंधु नदी की सहायक नदियां झेलम, चिनाब, रवी, सतलज, बीस और जास्कर है. सिंधु नदी की कुल लंबाई 2880 किलोमीटर है हालांकि भारत के अंदर सिंधु नदी केवल 1,114 किलोमीटर की दूरी ही तय करती है. लेह और स्कार्दू भारत में सिंधु नदी के किनारे स्थित प्रमुख शहर है.

भारत में नदियों के नाम अधिकतर माताओं के नाम पर ही रखे जाते हैं किंतु ब्रह्मपुत्र एकमात्र ऐसी नदी है जिसका नाम पुरुष के नाम पर रखा गया है जिसका मतलब होता है ब्रह्मा का पुत्र. ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल चीन के तिब्बत में स्थित मानसरोवर झील के निकट अंशी ग्लेशियर है

वहां से यह यारंग सांगणों नदी के रूप में अरुणाचल प्रदेश के माध्यम से भारत में प्रवेश करती है. यह नदी दक्षिण घाटी से ब्रह्मपुत्र नदी के रूप में असम में बहती हुई बांग्लादेश में प्रवेश करती है. ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित भारत के प्रमुख शहर डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी है.
ब्रह्मपुत्र नदी की कुल लंबाई 2900 किलोमीटर है जबकि भारत के अंदर ब्रह्मपुत्र नदी केवल 916 किलोमीटर की लंबाई में बहती है

भारत की सबसे लंबी नदी गंगा है. यह हिंदुओं की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है. इस नदी का उद्गम गंगोत्री ग्लेशियर (उत्तराखंड) है यहां से यह छोटी धारा के रूप में निकलती है तथा देवप्रयाग पहुंचने पर भागीरथी तथा अलकनंदा नदियां भी इसमें सम्मिलित हो जाती है जो इसे विशाल रूप देती है

गंगा नदी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से होकर गुजरती है तथा अंत में बांग्लादेश में प्रवेश करती हुई बंगाल की खाड़ी में विसर्जित हो जाती है. गंगा के तट पर स्थित प्रमुख शहर ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, भागलपुर, फरक्का बैराज, मालदा है.

बंगाल की खाड़ी में विसर्जित होने से पहले यह भारतवर्ष में कुल 2,525 किलोमीटर का मार्ग तय करती है जो कि इसे भारत की सबसे लंबी नदी बनाता है | गंगा नदी को मोक्ष दायिनी भी कहते हैं हिंदू संस्कृति में ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात जब किसी व्यक्ति की अस्तियों को गंगा में विसर्जित किया जाता है तो उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है

तथा ऐसी भी धारणा है कि वाराणसी में गंगा घाट के किनारे जो व्यक्ति मृत्यु को प्राप्त होता है उसे सीधे वैकुंठ की प्राप्ति होती है | हिंदुओं में ऐसी मान्यता है कि एक बार गंगा के जल से स्नान कर लेने पर आपके सारे पाप धुल जाते हैं क्योंकि गंगा मां आपके सारे पाप अपने अंदर समाहित करके आपको माफ कर देती है

कुंभ मेला एक विशाल तीर्थ मेला है हर बार यह मेला गंगा के किनारे बसे शहरो में ही होता है क्योंकि ऐसा माना जाता है की गंगा ही ऐसी पवित्र नदी है जो आपके पापों को धोकर आप को माफ़ कर सकती है.

इसी कारण कुम्भ में शाही स्नान के समय करोडो लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाते है | आम कुंभ मेला हर 3 साल में एक बार होता है, अर्धकुंभ 6 वर्षों में एक बार होता है, पूर्ण कुंभ 12 वर्षों में एक बार होता है और महाकुंभ 144 वर्षों में केवल एक बार प्रयागराज में होता है.

गोदावरी नदी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है | इस नदी को दक्षिण की गंगा के रूप में भी जाना जाता है गोदावरी नदी का उद्गम स्थल महाराष्ट्र की नासिक जिले के त्रंबकेश्वर में है.

गोदावरी नदी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश से होकर गुजरती हुई बंगाल की खाड़ी में विसर्जित होती है | गोदावरी नदी के किनारे पर स्थित प्रमुख शहर नासिक, नांदेड़ तथा राजमुंद्री है | इसकी प्रमुख सहायक नदियां बाणगंगा, इंद्रावती, पूर्णा, प्रवरा आदि है.

त्रंबकेश्वर से निकलकर बंगाल की खाड़ी में विसर्जित होने तक गोदावरी नदी कुल 1,465 किलोमीटर का मार्ग तय करती है जो इसे भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी बनाता है |

कृष्णा नदी भारत की तीसरी सबसे लंबी नदी है | इसका उद्गम स्थल महाबलेश्वर के निकट है | भीमा, पंचगंगा, दूधगंगा, घटप्रभा, तुंगभद्रा इसकी प्रमुख सहायक नदियां है | विजयवाड़ा तथा सांगली कृष्णा नदी के किनारे पर स्थित प्रमुख शहर है

महाबलेश्वर से निकलकर बंगाल की खाड़ी में समा जाने से पहले यह कुल 1,400 किलोमीटर की दूरी तय करती है जो इसे भारत की तीसरी सबसे लंबी नदी बनाता है |

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