यह है दुनिया का इकलौता आदमी जो पहनता है स्कर्ट जानिए इसके बारे में

ये है 61 साल के मार्क ब्रायन, जो जर्मनी में रोबोटिक्स इंजीनियर है। मार्क के पहनावे को देखकर चौंकिए मत। ये इस तरह के कपड़े पिछले 4 सालों से पहन रहे हैं।

मार्क के स्कर्ट और हील्स पहनने पर कई लोग उन्हें ‘गे’ तक समझ लेते हैं और तरह-तरह के सवाल करते है। लेकिन आपको बता दें कि वह ‘स्ट्रेट’ है। पत्नी और 3 बच्चों के साथ हंसी-खुशी जीवन जीते हैं।

मार्क बताते है कि उनके पहनावे को देखकर लोग उनसे उनके जेंडर को लेकर सवाल पूछते है, तो उन्हें बहुत गुस्सा आता है। वह कहते है कि कोई भी कपड़ा पहनना ये इंसान का अपना फैसला होता है।

समाज में कपड़ों को लेकर एक मेंटालिटी सेट है कि अगर कोई पेंट- शर्ट या टीशर्ट पहनता है को वो मर्द होता है और कोई स्कर्ट टॉप या साड़ी पहनता है तो वह औरत है।

मार्क समाज में फैली इसी अवधारणा को बदलना चाहते है। वह साबित करना चाहते है कि कपड़े का कोई जेंडर नहीं होता है। व्यक्ति चाहे कोई भी हो वो अपनी पसंद से कोई भी कपड़ा पहन सकता है।

मार्क के इस फैसले का सपोर्ट उनका पूरा परिवार भी करता हैं। उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं, जिन्हें उनका स्टाइल बेहद पसंद है। यहां तक की उनकी पत्नी को भी उनका ड्रेसिंग स्टाइल अच्छा लगता है।

वह पिछले 4 सालों से इसी तरह के कपड़े पहन रहे है। चाहे वर्क प्लेस हो या बाहर किसी भी काम से जाना हो, उन्हें स्कर्ट और हील्स पहने ही देखा जाता है।

ऐसा नहीं है कि उन्हें मैन्स क्लॉथ पसंद नहीं है। वह अधिकतर ऑफिस में मैन्स शर्ट के साथ ही स्कर्ट और शर्ट के मैचिंग के फुटवियर पहनना पसंद करते हैं।

मार्क अपनी स्टाइलिश तस्वीरें आए दिन सोशल मीडिया पर शेयर करते है। उनके पहनावे को देखकर इंटरनेट पर वह काफी पॉपलुर भी हैं।

आज जहां लड़किया सभी तरह के कपड़े पहनती है चाहे वो किजी भी तरह के हो ,वही लड़के आज भी अपने मैन्स क्लॉथ ही पसन्द करते है ।

लड़कियो ने ये अवधारणा तोड़ी हे कि स्कर्ट, साड़ी, सलवार कमीज या फ्रॉक आदि लड़कियों का पहनावा है और पेन्ट, सर्ट, T-shirt, कोट, टाई आदि पुरुषो का पहनावा है।

वह दोनो ही तरह के कपड़ो को बहुत आराम से और बिना किसी शर्म के पहनती है।

लेकिन लड़को के लिए ये आज भी बहुत बड़ी चुनौति है। ऐसे में अगर मार्क ब्रॉयन ने यह अवधारणा तोड़ने की कोशिश की है तो यह जरूर बहुत हिम्मत का काम है जिसकी तारीफ करना तो बनता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »