यहां पर कचरे के बदले मिलता है खाना जानिए कैसे

आप सभी जानते हैं कि जीवन के दो बड़े पैमाने हैं एक तो जीना और जीने देना। ऐसा करने के लिए दो चीज़ों की अवसक्ता है। जानते हैं क्या भोजन और प्रकीर्ति क्यों की यही ऐसी च है जो दोनों चीज़ों का संतुलन बनती है। आपको यह जानकार हैरानी नहीं होनी चाहिए की इस काम में बहोत काम लोग हिस्सा लेते हैं। क्यों की हर इंसान केवल बस अपने बारे में सोचता है।

बस कुछ लोग हैं जो दूसरों के बारे में सोचते हैं। आपको बता दूँ की जब भी आप और हम किसी होटल या कैफ़े में जाते हैं तो बहोत साड़ी बाते सोचते हैं। जैस की साफ़ सुथरा है की नहीं। यहाँ का खाना कैसा है, क्वालिटी कैसी है। जब हम इतने तरीके की बात सोचते हैं तो हम जान जाते हैं की जो इन चीज़ों पर खरा उतरा रहा तो उसका खाना महंगा जरूर होगा।

लेकिन मैं बता दूँ की इस महंगाई के जामने में आपने बहोत काम सुन सुना होगा की कोई कैफ़े या रेस्ट्रा भूख और प्रकृति के लिए कुछ करता होगा वह भी बिना पैसे के। आपको बता दूँ की भारत का छतीशगढ राज्य का एक सहर अंबिकापुर पुरे देश में सफाई के लिहाज से दूसरे नंबर पर है। यह ऐसे ही नहीं हुआ है। इसका कारन यहाँ के लोग हैं जो इसका पूरा ध्यान देते हैं।

इस शर ने एक ऐसा मुहीम चलाया है जिसकी वजह से लोग बेहद पसंद करते हैं। आपको बता दूँ की वहां के किसी भी रेस्ट्रा में कोई भूखा अगर कचरा लेके जाता है, तो उसको बार पेट खाना मिलता है।

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