यदि कोरोना से फेफड़े प्रभावित हों तो क्या लक्ष्ण दिखने लगेंगे? जानिए

फेफड़े ख़राब होने पर सांस लेने में दिक्कत होती हे सांस फूल जाती हे इसके लिए भाप दिन में छह सात बार याने हर दो घंटे में ले एक बर्तन में पानी गरम कर ले और फि उसे लकड़ी के पटिये या दरी या कार्टन के ऊपर रख ले ताकि जल्दी ठंडा न हो और सर पर टॉवल दाल के पानी से जब तक भाप निकलना बंद न हो भाप लेते रहे एक बार नक् से सांस ले मुँह से छोड़े और एक बार मुँह से सांस ले और फिर नाक से छोड़े।

आयुर्वेद में इसके लिए नागदमनी को उपयोगी माना हे इसका रस या चूर्ण या या पत्ते सभी उपयोगी हे काली मिर्च के साथ खाये जाते हे पत्तो को उबाल कर पीने से फेफड़े की बीमारी में लाभ मिलता हे

इसे लॉन्ग ,तुलसी, मीठी नीम ,तेजपत्ता ,हल्दी मुलेठी,श्योनाक, पोदीना ,पिप्पली,गिलोय ,गुड़हल, इसबगोल की बीज, अडूसा ,सत्यानाशी,कटेरी,गूलर और अकरकरा के साथ मिला कर खाने से फेफड़े की बीमारी, दमा ,सर्दी जुकाम ,खांसी, टी बी , में रक्त विकार में लाभ मिलता हे अगर सारी दवाये न मिले तो जितनी मिले उतनी खा सकते हे

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