मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया 12000 हॉर्स पावर का इंजन जल्द नजर आएगा पटरियों पर दौड़ता हुआ

देश में मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत 12000 हॉर्स पावर का इंजन बनकर तैयार है आपको बता दें कि इस इंजन को तैयार करने में कुल ₹200000000 की लागत आई है वहीं बुधवार को यह इंजन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पहुंचा जहां पर इस इंजन का ट्रायल किया जाएगा वहीं रेल मंत्रालय ने मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बने इंजनों को देश के सभी रेल मंडलों में भेजा है.

जहां पर इन इंजनों का ट्रायल किया जाएगा जिसके बाद यह इंजन रेल पटरियों पर दौड़ते हुए दिखाई देंगे इस इंजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब एक इंजन कार्य करना बंद कर देता है तो दूसरा इंजन ऑटोमेटिक चालू हो जाता है आपको बता दें कि मौजूदा स्थिति में माल गाड़ियों में जिस इंजन का प्रयोग किया जा रहा है वह इंजन कई बार ट्रैक पर ही बंद हो जाते हैं जिसके कारण मालगाड़ी को रोकना पड़ता है इसकी वजह से ट्रैक पर आवाजाही पर भी काफी फर्क पड़ता है इस कारण रेलवे द्वारा अब सभी माल गाड़ियों में इस इंजन का प्रयोग किया जाएगा .

बता दें कि यदि ट्रैक पर चलती गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है तो रेलवे को कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपए का नुकसान होता है ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रैक पर यदि इंजन खराब होता है तो उस मालगाड़ी को फिर से चलाने के लिए नए इंजन की आवश्यकता होती है वहीं नए इंजन को मालगाड़ी तक पहुंचाने में कम से कम 1 से 2 घंटे लगते हैं आपको बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में थोड़े समय पहले एक सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया था जिसमें नीले रंग के इस मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए इंजन की खूबियों को दर्शाया गया था.

वही डबल मंजिल की मालगाड़ी को यह इंजन आराम से खींचता हुआ दिखाई दे रहा था प्रशिक्षण सफल होने के बाद इस इंजन को सभी रेल मंडल में भेज दिया गया है आपको बता दें कि इस इंजन को बिहार के मधेपुरा में स्थित रेल कारखाने में अक्टूबर 2017 से बनाया जा रहा था.

जिसमें देश को बड़ी कामयाबी मिली है वही इस इंजन की सफलता के बाद अब हर साल 120 इंजन मधेपुरा कारखाने में तैयार किए जाएंगे वही यह इंजन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है वही इस इंजन में जीपीएस सिस्टम के साथ-साथ कई ऐसी तकनीकों का उपयोग किया गया है जो कि इस इंजन को आधुनिक बनाती है वही इस इंजन को तैयार करने के बाद भारत ऐसा इंजन बनाने वाला विश्व का छठा देश भी बन गया है.

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