भारत की टॉप 7 सबसे भूतिया जगहें जहाँ लोग जाने से भी डरते है , क्लिक कर पढ़े

  1. भानगढ़ का किला , राजस्थान

राजस्थान के अनवर जिले में स्थित भानगढ़ के किले में वैसे तो टूरिस्ट की भीड़ लगी रहती है लेकिन रात होने के बाद यहां किसी को ठहरने नहीं दिया जाता। ऐसा कहा जाता है कि एक जादूगर भानगढ़ के किले की राजकुमारी को अपने वस में करने के लिए काले जादू से उस पर काला जादू कर दिया। मगर उसका जादू का असर उल्टा पड़ गया और जादूगर की मौत हो गई। मरने से पहले जादूगर ने श्राप दिया कि इस राज घराने के सारे लोग जल्दी ही मर जाएंगे और उनकी आत्माएं यहीं भटकेंगी। लोगों का मानना है कि आज भी इस महल में उनकी आत्माएं भटकती हैं।

  1. दमस बीच , गुजरात

गुजरात के दमस बीच पर दिन के समय तो लोगों की भीड़ दिखाई देती हैं लेकिन रात को यहां अच्छे-अच्छे लोगों की हालत खराब हो जाती है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि सूरज डूबने के बाद अगर आप इस बीच पर गए, तो आपको चीखने-चिल्लाने की अावाजें सुनाई देने लगेंगी।

  1. शनिवार वाडा का किला , पुणे

पुणे का शनिवार वाडा भी भारत की सबसे भूतिया जगहों में से एक है। यहां एक छोटी सी बच्ची के चिखने की आवाजें आती हैं , जो पेशवाओं के राजकुमार नारायण की बेटी थी। उस बच्चे की चाची ने सिपाहियों के कहने पर उसकी हत्या करवा दी थी। कहा जाता है कि आज भी उस बच्ची के चिल्लाने की आवाज आती है।

  1. जी.पी ब्लॉक , मेरठ

मेरठ की यह बिल्डिंग भी बहुत डरावनी है। लोग कहते हैं कि यहां एक औरत लाल रंग की साडी पहनकर कभी बिल्डिंग के ऊपर और कभी बाहर नजर आती हैं। इन अजीबों-गरीब हरकतो को देखकर लोगों ने वहा जाना छोड़ दिया।

  1. रांची – जमशेदपुर NH33

इस हाईवे के बारे में लोगों का है कि यहां एक लंबे चौड़े कद वाली औरत की रूह भटकती है, जिस वजह से यहां ज्यादा हादसे होते हैं उनमें ज्यादातर लोगों की मौत हो जाती है।

  1. रमोजी फिल्म सिटी , हैदराबाद

कहा जाता है कि सैनिकों की मृत आत्माएं भूत बनकर यहां भटक रही है। बताया जाता है कि फिल्म शूटिंग के दौरान कई असाधाराण शक्तियां दिख जाती हैं। इस स्थान को सैनिकों का कब्रिस्तान कहा जाता है।

  1. कुलधरा गांव, जैसलमेर

इस सूचि में एक और राजस्थान का स्थान है। जैसलमेर जिले का कुलधरा गांव जो की पिछले 170 सालों से वीरान पड़ा हैं। कुलधरा गांव पालीवाल ब्राहम्णों का गांव था। कुलधरा गांव के हजारों लोग अपने गांव की एक लड़की को अय्याश दीवान सालम सिंह से बचाने के लिए, एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे और जाते-जाते श्राप दे गए थे कि यहां फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा। तब से गांव वीरान पड़ा हैं। कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं, कभी हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है। टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव में घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है। उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है। बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडियों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं। प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं। मई 2013 मे दिल्ली से आई भूत-प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गांव में रात बिताई और यहां पर पारलौकिक गतिविधियाँ रिकॉर्ड की।

  1. अग्रसेन की बावड़ी , कनाट प्लेस , दिल्ली

अग्रसेन की बावड़ी राजधानी दिल्ली में कनाट प्लेस से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। महाराजा अग्रसेन ने चौदवहीं शताब्दी में इस बावड़ी का निर्माण करवाया था। इसकी लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर है। इस प्राचीन स्मारक को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का संरक्षण प्राप्त है। किसी ज़माने में यह हमेशा पानी से भरी रहती थी, लेकिन अब यह सूख चुकी है। इसके बारे में प्रचलित है कि इसका काला पानी लोगों को सम्मोहित कर आत्महत्या के लिए उकसाता था। इसके तल तक पहुंचने के लिए 106 सीढियां उतरती हैं। एएसआई के अधीन होने के बावजूद लोगो को इसके बारे में ज्यादा पता नही है यदि आप कनाट प्लेस जाकर भी किसी से इसके बारे में पूछेंगे तो वो अनभिज्ञता जाहिर कर देंगे।

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