पुराने मोबाइल का क्या करें जबकि कोई उसे खरीदने को तैयार ना हो ?

बैकअप हैंडसेट के तौर पर रखें
नया मोबाइल खरीदने का मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा ही आपके साथ है। कई बार दुर्घटना हो सकती है। मान लीजिए कि आपका नया मोबाइल खराब हो जाए, या फिर खो जाए। ऐसे में आप क्या करेंगे? एक और नया हैंडसेट तो नहीं खरीदेंगे ना। ऐसे वक्त में काम आएगा, आपका वही पुराना फोन जो लंबे वक्त तक आपका साथी रहा। पुराना मोबाइल सबसे अहम रोल बैकअप हैंडसेट के तौर पर निभाता है।

ईबुक रीडर
अगर आपको किताबें पढ़ने का शौक है तो आपका पुराना मोबाइल एक तरह से ईबुक रीडिंग गैजेट ‘किंडल’ से बन सकता है। बस आपको इस हैंडसेट पर ई-बुक फाइल स्टोर करना है और साथ में अपने पसंद का ईबुक रीडर ऐप। अब आपको जब मन करे उसका इस्तेमाल किताबें पढ़ने के लिए करें। कुछ लोग सफर करते वक्त पढ़ना पसंद करते हैं। ऐसे में आपको अपने पुराने मोबाइल को भी हमेशा साथ रखना होगा। संभव है कि आपको एक साथ दो हैंडसेट पास में रखना पसंद ना हो। इसलिए फैसला आपका होगा। ईबुक पढ़ने के लिए कौन से एंड्रॉयड ऐप आपके लिए अच्छे हैं।

मीडिया प्लेयर
कुछ यूज़र अपने हैंडसेट को साफ-सुथरा रखना पसंद करते हैं। मतलब वे ज्यादा गाने रखना पसंद नहीं करते। लेकिन कई बार ऐसा होता है जब आपको एक जगह पर स्टोर किए हुए गाने की ज़रूरत पड़े। ऐसे में काम आएगा आपका पुराना हैंडसेट। अपने हैंडसेट में अपने म्यूज़िक प्लेलिस्ट को स्टोर कर लें। और जब ज़रूरत हो तो गाने को प्ले कर लें। किसी छोटे कमरे के लिए मोबाइल का स्पीकर ही काफी होता है। लेकिन बड़े कमरे के लिए आप अपने पुराने डिवाइस को ब्लूटूथ या 3.5 एमएम जैक से कनेक्ट करके गाना बजा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि गाने चलते वक्त आपको फोन नहीं आएगा। क्योंकि इस काम के लिए आपने नया स्मार्टफोन ले लिया है।

गेमिंग डिवाइस
इंटरटेनमेंट या टाइमपास के लिए किसको गेम खेलना नहीं पसंद। लेकिन अपने नए मोबाइल पर आप कितना दबाव देने को तैयार हैं। अगर आप घर बैठे फुर्सत के पलों में गेम खेलना चाहते हैं। तो पुराना हैंडसेट इस काम आ सकता है। लेकिन इसमें आपको एक दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हो सकता है कि पुराना होने के कारण इस गैजेट के स्पेसिफिकेशन आज की तारीख में लॉन्च किए गए गेम्स के लिए न्यूनतम ज़रूरतों को पूरा ना करे। लेकिन अब भी एंड्रॉयड और आईओएस पर कई ऐसे गेम हैं जो आपके पुराने हैंडसेट पर चल जाने चाहिए। ध्यान रहे कि ज्यादा रिसोर्स की खपत करने वाला गेम इस्तेमाल करने पड़ आपका पुराना हैंडसेट धीमा पड़ सकता है। ऐसे में यह उपाय कुछ शर्तों के साथ आता है।

बच्चों के लिए खिलौना और किताब भी
आज की तारीख में बच्चों का मोबाइल से अनोखा लगाव देखने को मिलता है। हो भी क्यों ना, वे डिजिटल युग में पैदा जो हुए हैं। कई बच्चे बार-बार अपने अभिभावकों से मोबाइल फोन की मांग करते रहते हैं। इसका कारण कुछ भी हो, लेकिन अभिभावक अक्सर इसी कोशिश में रहते हैं कि वे अपने बच्चे की इस मांग को नज़रअंदाज कर दें। मगर बच्चा जिद पर उतर आए तो… पुराना हैंडसेट है ना! गलती से बच्चे ने इसे खराब भी कर दिया तो आपको ज्यादा दुख नहीं होगा। ध्यान रहे कि बच्चे को मोबाइल देने से पहले आप यह ज़रूर तय कर लें कि उसे किन-किन कंटेंट का एक्सेस दिया जाए।

ऐसा ज़रूरी नहीं है कि हर बच्चे के लिए मोबाइल खिलौने का ही काम करे। आप इसका इस्तेमाल किताब के तौर पर भी कर सकते हैं। बच्चों के लिए इसे टेक्स्टिंग डिवाइस भी बना सकते हैं। इसके कैमरे से फूल, फल, पौधे और जानवरों की तस्वीरें लेकर उन्हें बच्चों से रूबरू भी कराया जा सकता है। माना जाता है कि बच्चे रंगीन और सजीव तस्वीरों को ज्यादा तेजी से पहचानते हैं। बच्चे मोबाइल पर राइम के वीडियो सुन और देख सकते हैं। इस तरह से उनके लिए इन्हें याद करना ज्यादा आसान हो जाएगा। आज की तारीख में कई स्टडी ऐप भी मौजूद हैं जिनकी मदद से छात्र घर बैठे पढ़ाई कर सकते हैं।

  1. स्टोरेज डिवाइस
    अगर आपको तस्वीरें लेना का शौक है, या फिर गाने स्टोर करने का, तो एक दिन ऐसा आएगा जब आपके गैजेट में स्टोरेज कम पड़ जाएंगे। ऐसे में आप अपने पुराने मोबाइल को स्टोरेज डिवाइस के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको एक खास किस्म का सेटअप चाहिए होगा। कम से कम डेटा केबल और कंप्यूटर डिवाइस की ज़रूरत तो पड़ेगी ही। ध्यान रहे कि आप अपने पुराने मोबाइल को एक मात्र स्टोरेज डिवाइस की तौर पर ही इस्तेमाल ना करें। अब मोबाइल पुराना है, क्या पता किसी दिन चलना ही बंद कर दे।
  2. रिमोट कंट्रोल और मीडिया सर्वर
    अगर आपके पुराने हैंडसेट में आईआर एमीटर है तो यह यूनिवर्सल रिमोट का काम कर सकता है। यानी घर में मौजूद कई गैजेट के लिए सिर्फ एक रिमोट। ऐसी सुविधा हर कोई चाहेगा।

आप इसे होम मीडिया सर्वर भी बना सकते हैं। एंड्रॉयड डिवाइस पर आपको प्लेक्स इंस्टॉल करने की ज़रूरत है। इसके बाद आप अपने पुराने डिवाइस को डेडिकेटेड रिमोट कंट्रोल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी मदद से आप अपने लोकल कंटेंट को टीवी पर देख पाएंगे।

  1. बना डालें फोटो फ्रेम
    आप एक सस्ता स्टेंड खरीद लें और अपने डिवाइस को इस पर अच्छे रख लें। इसके बाद तैयार हो जाइए अपने मोबाइल को फोटो फ्रेम में तब्दील करने के लिए। एंड्रॉयड पर डेफ्रेम ऐप यह काम बखूबी करता है। यह आपके सोशल मीडिया अकाउंट से तस्वीरें सिंक करके आपके फोन पर लगातार स्ट्रीम करता रहेगा। इससे आप फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल+, फ्लिकर और ट्विटर जैसे अकाउंट कनेक्ट कर पाएंगे। आप अपने फोटो फ्रेम को और कस्टमाइज करना चाहते हैं तो इसके लिए ऐप के प्राइम वर्ज़न में अपग्रेड कर लें। हालांकि, यह ऐप मुफ्त नहीं है। पेड ऐप कई शानदार फ़ीचर के साथ भी आता है।

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