पिछले 60 सालों से नहीं नहाया है यह व्यक्ति, दुनिया का सबसे मैला व्यक्ति होने का खिताब हासिल है इसे

दोस्तों विषय थोड़ा अजीब है पर हकीकत है. आखिरी बार ऐसा कब हुआ होगा जब आप नहाए नहीं होंगे, मेरे हिसाब से यह रविवार होगा शायद और नहीं भी. क्योंकि नहाना हमारी आदत नहीं जरूरत बन चुका है. बिना नहाए हमें कुछ अजीब अनुभव होता है, खासकर गर्मियों के दिनों में. गर्मियों में शावर के नीचे काफी समय तक उस ठंडे पानी की बरसात का अनुभव ही कुछ अलग होता है इसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है हा हा हा….|

चलिए दोस्तों यह तो रही मजाक की बात. अब बात करते हैं एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिसे नहाने के नाम से ही नफरत है. यह व्यक्ति है ईरान का रहने वाला अमाउ हाजी Amou Haji, जिसने लगभग पिछले 60 सालों से स्नान नहीं किया है. Amou Haji दक्षिणी ईरान के एक प्रांत Fars, के एक छोटे से गांव Dejgah में रहता है. हाजी का मानना है कि सफाई उसे बीमार कर देती है और इसी कारण वह इसी तरह मैला और गलीच्छ रहना पसंद करता है और इसी अजीबोगरीब कारण के चलते वह पिछले 60 सालों से नहीं नहाया है. Amou Haji को दुनिया का सबसे मेैला अथवा गलीच्छ इंसान माना जाता है.

हाजी गांव से दूर अकेले ही रहता है. उसे पानी का स्पर्श भी पसंद नहीं है यहां तक की उसे नहाने की सलाह देने पर भी वह बहुत गुस्सा हो जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जवानी में उसे एक महिला के साथ प्रेम था परंतु उसने हाजी को रिजेक्ट कर दिया और इसी कारण से हाजी इस तरह रहने लगा था और बाद में वह इस तरीके से रहने का आदी हो गया.

हाजी ताजा एवं स्वादिष्ट खाना पसंद नहीं करता है इसकी बजाए वह सड़ा हुआ मीट खाता है और प्रतिदिन लगभग 4 से 6 लीटर पानी पीता है जो वह एक गंदे तेल के डब्बे में अपने पास रखता है.

अपने सर अथवा दाढ़ी के बाल अधिक लंबे होने पर हाजी उन्हें खुली आग में ही जला कर छोटा कर देता है. उसके पास एक पुराना helmet भी है जो वह सर्दी में ठंड से बचने के लिए अपने सर पर पहनता है. और अपनी चिलम में तंबाकू की बजाए जानवरों के सूखे हुए मल को जलाकर धूम्रपान करता है.

हाजी के इस तरह के हालात देखकर आप भी यह अवश्य सोच रहे होंगे कि वह कितना दुखी होगा, लेकिन असल में इसका बिल्कुल विपरीत है. वह अपनी इस जिंदगी से बेहद खुश है और 80 वर्ष की आयु का होने के बाद भी वह आराम से अपनी इस जिंदगी को एंजॉय करता हुआ जी रहा है. हाजी एकांत में जमीन पर ही सोता है हालांकि गांव के लोगों ने उस पर तरस खाकर उसे ईटों का एक कमरा बना कर दिया हुआ है. पिछले छह दशकों से नहीं नहाने के कारण उसका शरीर अब लगभग उस इलाके के जमीन अथवा पत्थरों के जैसा ही हो गया है. गांव वालों का कहना है कि कभी-कभी तो जब हाजी सोया हुआ रहता है तो वे पहचान ही नहीं पाते हैं कि वह हाजी है या कोई चट्टान का पत्थर.

Amou haji ही ऐसा एकलौता इंसान नहीं है इसके पहले दुनिया का सबसे गलिच्छ अथवा मैला इंसान होने का खिताब भारत के ही एक व्यक्ति के पास था जिसका नाम कैलाश सिंह था जिन्होंने 38 वर्षों तक स्नान नहीं किया था|

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