पराली के बदले गोबर की खाद योजना दिखी कारगर, अन्य जिलों में आजमाने की सिफारिश

पराली जलाने की समस्या से निजात पाने के लिए अपनाए जा रहे कई
उपायों में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का मॉडल अधिक कारगर और
प्रभावी दिख रहा है।

यहां गोशालाओं में पराली पहुंचाने वाले किसानों
को निश्शुल्क गोबर खाद उपलब्ध करायी जा रही है। अब तक 125
गोशालाओं में 1675 क्विंटल पराली पहुंच चुकी है और किसानों को
दो ट्राली पराली देने पर एक ट्राली गोबर खाद उपलब्ध करायी जा रही
है।

इस मॉडल को अन्य जिलों में भी आजमाने की सिफारिश की गई
है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिनों ट्वीट कर किसानों से
पराली न जलाने व पर्यावरण के अनुकूल माध्यमों से उसके उत्पादक
उपयोग का प्रण लेने की अपील की थी।

दूसरे ट्वीट में उन्होंने पराली
जलाने से संबंधित कार्रवाई में किसानों के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न
स्वीकार नहीं करने पर बल दिया था। इसी क्रम में गोशालाओं में
पराली पहुंचाने की योजना ने गति पकड़ी आंरभ की। कानपुर देहात में
तीन हजार और उन्नाव में 1675 क्विंटल से ज्यादा पराली किसानों ने
गौशालाओं में पहुंचाई।

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