नवरात्रि साल में दो बार क्यों मनाई जाती हैं?

नवरात्रि साल में दो बार क्यों मनाई जाती हैं : मैं इसके एक अनछुए पहलू पर प्रकाश डालना चाहती हूँ । नवरात्रि हमेशा दो मुख्य मौसमों के संक्रमण काल में आती है। एक नवरात्रि अश्वनि नशत्र यानी शारदीय नवरात्र और दूसरा चैत्र नवरात्रि होती है। लेकिन आपको पता है रावण के मारे जाने से पहले केवल चैत्र नवरात्रि ही मनाई जाती थी। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भगवान श्रीराम ने किया था। इसके अलावा भी दो बार नवरात्रि होने के पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण माने जाते हैं। दोनों ही नवरात्रि का अपना एक अलग महत्व होता है। तो नवरात्रि मनाने के पीछे आध्यात्मिक, प्राकृतिक और पौराणिक वजहें भी हैं।

प्राकतिक आधार पर नवरात्रि को देखें तो ये ग्रीष्म और सर्दियों की शुरुआत से पहले होती है। प्रकृति के परिर्वतन का ये जश्न होता है। चैत्र नवरात्रि के पीछे यह भी कहा जाता है कि नए अनाज के आगमन की खुशी में भी यह नवरात्रि मनाई जाती है। नए अनाज के भोग के बाद ही इसे बाजार में उतरा जाता है। वैज्ञानिक रूप से, मार्च और अप्रैल के बीच, सितंबर और अक्टूबर के बीच, दिन की लंबाई रात की लंबाई के बराबर होती है। वैज्ञानिक आधार पर इसी समय पर नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है।

रावण के वध से पहले किया था भगवान राम ने दुर्गापूजा का आयोजन
भगवान श्री राम ने रावण से युद्ध से पहले अपनी विजय के लिए मां के आशीर्वाद लेने के लिए उनकी विशाल पूजा का आयोजन किया था। वह मां के आर्शीवाद के लिए इतंज़ार नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने दुर्गापूजा का आयोजन किया और तब से ही हर साल दो बार नवरात्रि का आयोजन होने लगा।

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