नवरात्रि के पीछे का क्या है इतिहास, जानकर हैरान हो जाएंगे

वैसे तो नवरात्रि का त्योहार साल में दो ही बार आता है इस त्यौहार में नौ देवियों की पूजा करने का बड़ा विशेष महत्व होता है। इस बार की नवरात्रि का त्योहार 17 अक्टूबर से शुरू होने वाला है जो कि 25 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें मां दुर्गा के नौ अवतारों का वर्णन किया गया है सभी भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन बड़े जोश के साथ करते हैं आपको जानकर हैरानी होगी कि साल में 4 बार नवरात्रि पड़ती है परंतु दो नवरात्रि गुप्त मानी गई है क्योंकि यह तंत्र मंत्र विद्या के लिए अपनाई जाती है।

चैत्र और शारदीय नवरात्रि बहुत खास होती है कहा जाता है कि जो व्यक्ति 9 दिनों तक माता रानी का व्रत रखता है तो माता रानी इस दिन उस व्यक्ति से बहुत ज्यादा प्रसन्न होती हैं और उसकी हर इच्छा पूरी करती हैं। तो चलिए आज हम बताते हैं कि शारदीय नवरात्रि क्यों मनाई जाती है आखिर क्या महत्व है इस शादी नवरात्रि का। दरअसल शारदीय नवरात्रि का महत्व भगवान राम से जुड़ा हुआ है कहा जाता है कि भगवान राम ने 9 दिनों तक व्रत रख कर के रावण को मारने का संकल्प लिया था। जिसकी वजह से उन्होंने 9 दिनों तक माता रानी की पूजा अर्चना करी और दसवें दिन रावण को मार दिया।

यही वजह है कि 9 दिनों तक देवी जी की पूजा अर्चना करने के बाद 10वें दिन रावण का दहन किया जाता है। इसमें कहा जाता है कि नवरात्रि के पहले दिन एक कलश की स्थापना करके नवरात्रि की शुरुआत की जाती है आपको बस इतना करना है कि ना तो कर के साफ कपड़े पहन कर के माता रानी के सामने बैठ कर इच्छुक व्यक्ति व्रत लेने का संकल्प करता है। दोस्तों माता रानी अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देती हैं। इसीलिए भक्तों को भी चाहिए कि वह अपनी माता रानी को खुश करने के लिए उनके व्रत के नियम अनुसार ही चलना चाहिए।

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