दुनिया में सबसे ज्यादा निकम्मे और आलसी लोग किस देश के हैं?

सबसे आलसी देश – आलस्य किसी भी तरह से अच्छा नहीं माना जाता है। न तो स्वास्थ्य के लिए और न ही उन्नति के लिए, मगर फिर भी कुछ लोग आलस्य को ही जो कि सबसे भयानक शत्रु है उसे ही मित्र मानकर अपने शरीर को आलस्य के गर्त में ले जा रहे हैं।

‌मैं किसी एक इंसान की क्या बात करुं यहां तो पूरा का पूरा देश ही आलस्य का नूतन रिकार्ड बना रहा है । अरे मैं भारत की बात नहीं कर रही हूँ। सभी जानते हैं कि यहां भी आलसियों की कोई कमी नहीं है लेकिन वर्तमान में इस तरह की पदवी हमें नहीं मिली है । दुनिया के सबसे अधिक आलसी देश को खोज निकाला है अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च ने.

रिसर्चर्स ने दुनिया का सबसे आलसी देश ढूंढ लिया है. चलिए आपको बताते हैं कि कौन सा है वह देश जो आलस्य में प्रथम स्थान पर है।

एक शोध के अनुसार हांगकांग जहां विश्व का सबसे क्रियाशील (एक्टिव) देश है वहीं इंडोनेशिया है दुनिया का सबसे आलसी देश है।

हांगकांग के लोग जहां हर दिन औसतन 6880 कदम चलते हैं वहीं इंडोनेशिया के लोग महज 3513 कदम ही चलते हैं. शोधकर्ताओं ने 111 देशों में मौजूद 7.17 लाख मोबाइल फोन्स को ट्रैक करते हुए लोगों के क्रियाशील (चलने को लेकर) का आंकड़े एकत्रित कर यह शोध की है. इसके अनुसार दूसरे देशों के मुकाबले ब्रिटेन के लोग जहां काफी एक्टिव नजर आए. यहां के लोग प्रतिदिन

औसतन 5444 कदम 🚶🚶‍♀️चलते हैं जो की 5 किमी के बराबर है.

फोटो गूगल से लिया गया है।

टीम ने इसके माध्यम से मोटापे से मुक्ति के लिए सहायता उपलब्ध करवाई है क्योंकि इस आंकड़े से यह पता लगता है कि जिन देशों में लोग जितना ज्यादा चलते हैं मोटापे नामक अभिशाप है । साथ ही इससे कार्य करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। वास्तव में वैज्ञानिकों ने लोगों के स्मार्टफोन्स की मदद से 68 मिलियन दिनों जितना आंकड़े प्राप्त किया और पाया कि लोग औसतन 4961 कदम चलते हैं। हालांकि मोटापे और लोगों द्वारा चले जाने वाले कदमों में कोई ठोस कदम का लिंक नहीं मिला. इसका कारण ये है कि केवल चलना महत्वपूर्ण नहीं अपितु इसके साथ ही भोजन में भी पर्याप्त परिवर्तन की आवश्यकता होती है जो सबके बस का नहीं होता है। और चलने का अर्थ अजगर की तरह रेंगने से नहीं होता बल्कि काफी तेज कदम से चलना होता है।

अगर भारतीयों की बात करें तो भारत वाले ज्यादा एक्टिव नजर नहीं आए. इसके अनुसार भारतीय 4297 कदम रोज🚶 चलते हैं. भारत के मुकाबले चीन और जापान के लोग ज्यादा एक्टिव नजर आए। जापानीज 10 हजार कदम चलते हैं। स्कूल, बाजार और कार्य स्थलों तक पैदल ही चलते हैं तथा बच्चों को भी यही शिक्षा देते हैं। भोजन करने के समय भी वो केवल आधा भोजन ही करते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हमारा ब्रेन 20 मिनट बाद पेट भर जाने की सूचना देता है। और यही कारण है कि वे फिट हैं। वहीं ब्राज़ील और अरब देश के लोग भारत के बराबर ही आलसी ( अजगर) दिखे. तो अब आप समझ गए होगे कि चीन और जापानी लड़कियां इतनी स्लिम व फिट कैसे रहती हैं. फिटनेस के लिए फिजिकली एक्टिव यानि शारीरिक रुप से क्रियाशील होना अत्यंत आवश्यक है। और इस मामले में इंडोनेशिया वर्तमान समय में भले ही नंबर वन पर है. मगर लगता है कि यदि हम भारतीय स्वयं को नहीं बदले तो कुछ वर्षों के पश्चात भारत का ही नंबर आ जाएगा, क्योंकि फिजिकली एक्टिव रहने के मामले में यहां के लोग खासतौर पर महिलाएं🙆 बहुत पीछे हैं। यहां कि महिलाओं पर बहुत ही क्रोध 😡आता है इतने सुविधाओं के होने पर भी प्रातः काल उठकर स्वयं तेज कदम से चलते नहीं और समय की कमी का बहाना बनाते हैं।

खैर अगर आप फिट और स्लिम रहना चाहते हैं, तो आलस ⛹️‍♂️⛹️‍♀️छोड़कर सुबह आधा घंटे पहले उठिए और मॉर्निंग वॉक पर जाइए. सुबह की फ्रेश हवा आपका पूरा दिन अच्छा कर देगी.शुरु में थोड़ी परेशानी हो सकती है पर विश्वास करिए कुछ ही दिनों में आपको इसकी आदत हो जाएगी। और आप निरोगी काया के मालिक /मालकिन होंगे।

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