‘जायफल’ और ‘कायफल’ क्या होते हैं? दोनों में क्या अंतर होता हैं?

जायफल : यह बहुत उपयोगी फल है जो औषधि के रूप में भी उपयोग होता है. इसका सबसे बेहतर उपयोग बच्चो के इम्मून सिस्टम को मज़बूत बनाने में होता है. इसके तेल से साबुन भी बनता है. चेहरे के दाग धब्बे साफ करने में पाचन तंत्र मज़बूत करने में और अनेक आयुर्वेदिक दवाइयुओं में काम आता है.

यह मिरिस्टिका वृक्ष से प्राप्त होता है. जायफल और जावित्री दोनों इसी वृक्ष से मिलते है. जावित्री जायफल के ऊपर का कवर है जायफल जावित्री के अंदर मिलता है. जायफल और जावित्री दोनों एक कठोर खोल के अंदर होते है. जायफल को मेने अपने बच्चे के लिए उपयोग में लाया था और मुझें इसके गुणों के बारे में हमारे बुजुर्ग लोगों ने बताया था. इसको पीसकर बच्चे को रोजाना देते थे.

कायफल या केफल : यह वृक्ष उत्तराखंड में बहुतायत में है. उत्तराखंड कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसेंड और भुरानी सेंड में बहुत से वृक्ष मेने देखे है. यह बड़ा सुंदर वृक्ष है तथा ज़ब फल लगता है तो और सुंदर हो जाता है. हरे वृक्ष गुलाबी लाल फल से लद जाते है और लाल गुलाबी दिखने लगते है. इसे बेबरॉय भी कहते है. इस फल को खाया जाता है कुछ मीठा खट्टा सा होता है. कई रोगों में भी उपचार में काम आता है.

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