जानें वह 4 भाव जिनसे की गई पूजा होती है असफल

क्या आप जानते हैं कि नारद पुराण भगवान विष्णु को ही समर्पित ग्रंथ माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करने की विधि और महत्व के बारे में पूरी जानकारी बतायी गई है।

आज वेद संसार आपको बताने जा रहा है पुराण में मौजूद 4 ऐसी भावनाएं, जिनसे भगवान की पूजा की जाए तो मनुष्य को उस पूजा का लाभ नहीं मिल पाता है –

• लोभ से
कहते हैं कि भगवान की पूजा-अर्चना निःस्वार्थ भाव से ही करना चाहिए। जो भी व्यक्ति किसी भी लालच से या फिर किसी स्वार्थ से भगवान की पूजा-अर्चना करता है, उसे उसका फल कभी प्राप्त नहीं हो पाता है। जान लें कि बिना किसी लालच के की गई पूजा शुभ फल देने वाली होती है। ध्यान रहें कि जो मनुष्य बिना किसी लालच के, पूरे समर्पण और श्रद्धा के साथ भगवान की पूजा करता है उसे बिना मांगे ही सभी सुख मिल जाते हैं।

• दूसरों के कहने पर
दूसरी ओर कई लोग ऐसे हैं जो दूसरों के कहने पर या फिर घर वालों के दबाव में आकर भगवान की पूजा करने लगते हैं। वहीं, बिना मन से या दूसरों के कहने पर की गई पूजा निष्फल मानी जाती है। जान लें कि ऐसी पूजी का लाभ किसी भी मनुष्य को नहीं मिलता है इसलिए कहा जाता है कि हर मनुष्य को सच्चे मन और सच्चे भाव से ही भगवान की आराधना करनी चाहिए।

• अज्ञान से

भगवान की पूजा तो सभी करते हैं, लेकिन ज़रूरी यह है कि आपकी पूजा विधि भी सही होनी चाहिए। गलत ढंग से की गई पूजा गलत परिणाम भी दे जाती है। इस बात का खास ध्यान रखें कि किसी भी मनुष्य को बिना ज्ञान के या फिर अधूरे ज्ञान से भगवान की पूजा-अर्चना नहीं करनी चाहिए। इसलिए कोशिश करें कि कभी भी अधूरे ज्ञान या गलत विधि से पूजा ना ही करें।

• भय से
बताते चलें कि बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं, जो किसी न किसी भय से भगवान की पूजा-अर्चना करने में विश्वास रखते हैं जो कि गलत है। बता दें कि ऐसी भाव से की गई पूजा का फल कभी नहीं मिल पाता है। हर मनुष्य को भगवान की पूजा शांत और पवित्र मन से ही करनी चाहिए, क्योंकि शांत मन से की गई पूजा ही आपको शुभ फल प्राप्त करा सकती है और मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।

दोस्तों सच्ची पूजा उसी की मानी जिसका मन साफ हो। किसी ने सही कहा है कि – “मन चंगा तो कठौती में गंगा”… अगर आपकी पूजा एक सही भाव के साथ की गई है तो भगवान उसे ज़रूर सुनेंगे लेकिन अगर आपने मन में किसी के लिए कुछ भी बुरा सोचा हुआ है तो यह आपकी पूजा को कभी सफल नहीं होने देगा।

ज़िंदगी में अगर कुछ पाना है तो सबसे पहले अपने मन को पवित्र बनाइए। मैला मन रखने वाले लोग भगवान को कभी पसंद नहीं आते। भगवान अपने उन्हीं भक्तों की बातें सुनते हैं जो सच्चा हो… मन से पवित्र हो और जो दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है।

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