चार साल में 200 रुपये से पांच रुपये तक पहुंची 1 जीबी डेटा की कीमत

भारत में इंटरनेट के 25 साल सभी हो गए हैं। 1995 में हिंदुस्तान में पहली बार विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) के सौजन्य से इंटरनेट का कमर्शियल प्रयोग हुआ था। उस दौरान इंटरनेट का प्रयोग बहुत बड़ी बात था, क्योंकि उस वक्त 9.6 केबीपीएस स्पीड वाले इंटरनेट के लिए 2.40 लाख रुपये देने थे, जबकि आज 100 एमबीपीएस तक की स्पीड सरलता से मिल रही है। निष्कर्षण Firij कनेक्शन पर तो स्पीड 1000 एमबीपीएस को भी पार कर रहा है।

 2016 के बाद बदली भारतीय इंटरनेट की सूरत

 वर्ष 2014-15 में हिंदुस्तान में इंटरनेट (डेटा) का कुल खर्च 83 हजार करोड़ जीबी था जबकि आज हर भारतीय हर महीने औसतन 11 जीबी डेटा खर्च कर रहा है। हिंदुस्तान में इंटरनेट यूजर्स को बढ़ाने व घर-घर इंटरनेट पहुंचाने में रिलायंस जियो का बड़ा सहयोग रहा है। वर्ष 2016 तक 1 जीबी डेटा की कीमत 185 से 200 रुपये के करीब थी लेकिन जियो के आने के बाद अब प्रति जीबी डेटा मूल्य लगभग पांच रुपये हो गया है। डेटा की खपत में भी भारी इजाफा हुआ है। वर्ष 2016 से पहले हिंदुस्तान में डेटा खपत केवल 0.24 जीबी प्रति ग्राहक प्रति माह थी जो कि आप लगभग 11 जीबी प्रति उपयोगकर्ता प्रति माह पहुंच गए हैं। बता दें कि जियो के हिंदुस्तान में चार साल सभी हो गए हैं।

 चार साल में 155 वर्ष पहले पायदान पर भारत पहुंचा

 साल 2016 में हिंदुस्तान इंटरनेट डेटा खपत के मुद्दे में 155 वें स्थान पर था व महज चार साल में हिंदुस्तान आज डेटा खपत के मुद्दे में पहले पायदान पर है। इसमें जियो के सहयोगी को मना नहीं किया जा सकता है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक अमेरिका व चाइना मिलकर मोबाइल 4 जी डेटा की खपत करते हैं, उन्हें ज्यादा अकेले हिंदुस्तान के लोग डेटा का प्रयोग करते हैं। देश का 60 प्रतिशत से ज्यादा डेटा जियो नेटवर्क पर प्रयोग होता है।

 गांव में बढ़े इंटरनेट यूजर्स

 ग्रामीण क्षेत्रों में 2 जी नेटवर्क का प्रयोग करने वाले अब 4 जी फीचर फोन प्रयोग कर रहे हैं या फिर 4 जी स्मार्ट फोन प्रयोग कर रहे हैं। गांवों में इंटरनेट पहुंचाने में भी जियो का बड़ा हाथ है। ग्रामीण हिंदुस्तान के लिए जियो ने दुनिया का पहला 4 जी फीचर फोन पेश किया था। 2016 में जहां गांवों में 12 करोड़ के करीब ग्राहक डेटा प्रयोग कर रहे थे। आज 28 करोड़ लोग इंटरनेट डेटा का प्रयोग कर रहे हैं। पिछले 4 वर्षों में जियो से लगभग 40 करोड़ से अधिक कंज़्यूमर जुड़े हुए हैं।

 1986 में प्रारम्भ हुआ था इंटरनेट

 हिंदुस्तान में इंटरनेट की शुरुआत 1989 में ही हो गई थी लेकिन इसका कमतर स्तर पर प्रयोग 1995 में प्रारम्भ हुआ। 1989 में इंटरनेट का प्रयोग एजुकेशन एंड रिसर्च वर्क के लिए ही होता था। उस दौरान नेशनल रिसर्च नेटवर्क (ERNET) के जरिए इंटरनेट मिलता था। इसके संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा किया गया था। 1995 के दौर में सिर्फ सत्यम इनफोवे एक आईएसपी प्रोवाइडर कंपनी थी, जबकि आज देश में 358 से अधिक आईएसपी कंपनियां हैं, जिनमें लोगों के घरों तक इंटरनेट पहुंच रहे हैं।

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