खांसी की दवा इतनी महँगी क्यों आती है और इतनी महंगी होने के बावजूद खांसी ठीक क्यों नहीं होती है?

दर असल खांसी होती है गले में, और यहाँ कोई दवा टिकती ही नहीं है । खांसी की दवाएँ ऐसी होती हैं की जब ये गले से होकर नीचे जा रही होती है , तभी जितनी देर जे लिए गले जे सम्पर्क में आती हैं उतनी देर में हाई काम करना होता है उनको। समय बहुत कम मिल पाता है इसीलिए खाँसी की दवा चार बार खानी पड़ती है ।

खांसी जिन बैक्टिरिया और वायरसों की वजह से होते हैं उन्हें गर्मी बर्दाश्त नहीं होती और ठंड ने ज़्यादा पनप जाते हैं । इसलिए जाग सिरप अगर आप ठंढी पीएँगे तो काम नहीं करेगी । क्योंकि लाभ से ज़्यादा इसके ठंडे होने से नुक़सान हो जाता है । अगर आपको कफ सिरप का पूरा लाभ लेना है तो इसे २० ml गर्म पानी में घोलकर लें । अच्छा काम करेंगी ।

वैसे एक बार आधा चम्मच अजवायन खाकर गर्म पानी पीकर देखें । कई सारे खांसी में ये कफ सिरप से ज़्यादा अच्छा काम करती है ।

अगर कभी खांसी हो तो एक गिलाश गर्म पानी चाय जी तरह पीएँ। हर घंटे ऐसा करें । बुरी से बुरी खांसी भी बिना किसी दवा के ठीक हो जाएगी । गर्म पानी जब गले से होकर गुजरती है तो खांसी वाले बैक्टिरिया और वायरसों को मारते हुए जाती हैं, और जैसे ही इनकी संख्या थोड़ी कम होती है, हमारे शरीर की का इम्यून सिस्टम उन्हें ठिकाने लगा देता है । बस हो गयी खांसी आपकी ठीक ।

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