क्यों डाली जाती है मरने के बाद नाक में रुई, जानकार उड़ जायेंगें आपके होश

आपको बता दें की लिखा गया है पुराणों में की जितना जन्म लेना सत्य, उतना ही सत्य मरना है। हर इंसान वो चीज़ें जानता है जो उसके जीते घटता है। बहोत काम लोग जानते हैं की रुई क्यों लगाए जाती है मरने के बाद में। आपको सुन के हैरानी होगी की जो लोग रुई मरे हुए इंसान के कान और नाक में डालते हैं वह भी नहीं जानते। बहोत काम लोग होगें जो में जानते होगें और बाकी लोग प्रथा ही समझते हैं।

आपको बता दें की इस कार्य के पीछे दो कारन हैं। एक कारन वह है जो विज्ञानं कहता है। विज्ञानं का कहता है की मरने के बाद ऐसा इसलिए किया जाता, क्यों की इंसान के मरने बाद उसके खुले हुए अंग में से प्रदार्थ निकलता है। वह प्रदार्थ बेहद बदबूदार होता है. इसलिए रुई में इत्र मिला के कान और नाक में डाला जाता है।

अब हम समझते हैं दूसरी वजह जो पुराण कहता है। पुराणों में लिखा हुआ है की अगर इंसान के ऊपरी हिस्से में से अगर उस इंसान की आत्मा निकलेगी तो उसका दूसरा जन्म नहीं होगा। अगर उसका जन्म नहीं होगा तो इसी धरती पर उसकी आत्मा घूमती रहेगी। इसलिए लोग मरने के बाद कान और नाक में रुई डालते हैं।

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