क्या महात्मा गाँधी और उनके उसूल आज भी जिन्दा है? कैसे?

जी नही महात्मा गाँधी के ऊसूल महात्मा गाँधी की मृत्यु से पहले ही मर गए थे ,नाथूराम ने तो बस महात्मा गाँधी के शरीर को मारा था ,लेकिन गांधीवादियों ने तो उनके उसूलों को बहुत पहले ही मार दिया था ।

भारत छोड़ो आंदोलन और आजाद भारत के समय की राजनीति

● भारत छोड़ो आंदोलन के बाद अंग्रेज कब जायेगें यह तय होने का समय था उस समय मे अधिकतर गांधीवादी सिर्फ नई सरकार में अपने लिए पद की व्यवस्था में लगे थे ।

नाथूराम को फ़ांसी

● गांधीवादियों ने नाथूराम को फाँसी देकर उसको गाँधी के बराबर ला दिया और गाँधी जी के हिंसा का विरोध अहिंसा से देने की नीति को तिलांजलि दे दी ।

गाँधी की अहिँसा का सिद्धांत

● गाँधी के बारे में सबसे ज्यादा रायता उनके समर्थकों ने फैलाया गाँधी की अहिंसा नपुंसकता वाली नीति नही थी ना ही गाँधी ने कभी कहा कि कोई आप को एक थप्पड़ मार तो दूसरा गाल कर दो , गाँधी ने सैदैव सापेक्ष हिंसा की बात की ,उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन के समय की हिंसा के लिए कहा था कि “ बड़ी हिंसा के बदले की गई छोटी हिंसा जायज है”

कौन थे गाँधी

● मेरी समझ मे गाँधी वह व्यक्ति थे जिसने सदैव खुद से ही लड़ाई लड़ी इसी कारण उनकी एक ही विषय पर कही गयी 2 बातो में काफी फर्क दिखता है साथ ही गाँधी खुद से खुद की लड़ाई में खुद को अपडेट भी करते रहते थे ।

● मेरे लिए गाँधी एक इंसान थे जिनका जीवन का सफर अनेक ऊंचाइयों और गहराई के मध्य गोते लगता रहा है ,उनका जीवन विस्तार ही उनके कद को बताता है ।

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