क्या गाँव की लड़की से शादी करनी चाहिए या शहर की?

आपका जो आजकल के सभी युवा या माता पिता के मन को विचलित करता है, कुछ लोगों का सोचना है गांव की लड़की सही होती है और कुछ ऐसा सोचते है की शहर की लड़की सही होती मतलब लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सोचते है।

पर हमारा अनुभव ये कहता है कि लड़की गांव कि हो या शहर की उसका लालन पालन किस परिवेश में हुआ है , पारिवारिक पृष्टभूमि कैसी है लड़की की शिक्षा कहा तक है ये सब बातें ज्यादा महत्त्वपूर्ण होती है।

उदहारण के तौर पे अगर मै अपनी माताजी की विचारो को देखूं तो वो चाहती थी कि भैया की शादी गांव कि लड़की से क्युकी उनका मानना था कि गांव की लड़की शुशील और संस्कारी के साथ सभी कामों में निपुण होती है पर हुआ क्या भैया की शादी एक स्मार्ट सिटी की लड़की से हुई वो भी उस घर में जहां कोई पुरुष नहीं था खैर शादी तो हो गई हमारा भी ख्याल था कि भाभी से हम ज्यादा उम्मीद नहीं रख सकते पर यहां उल्टा हुआ हमारी उम्मीदों के विपरित भाभी सभी कमो में निपुण थी और एक आदर्श बहू के सारे गुण उनमें थे उन्होंने आते ही घर को अच्छे से संभाल लिया।।

ये सब भाभी कि फैमिली वाले के संस्कारों का परिणाम था जो कि एक स्मार्ट सिटी में होते हुए उन्होंने अपने संस्कार को बचाए रखा नहीं तो आजकल की सोच होती है कि जिस घर में कोई पुरुष ना हो वहा को लड़कियां बिगड़ी हुई होती है पर हमारी भाभी ने इस बात को गलत साबित किया।।।

तो जनाब शादी आप गांव की लड़की से करे या शहर की लड़की से इससे कोई फर्क नहीं पड़ता बशर्ते आप लड़की के बारे उसकी शिक्षा उसकी पारिवारिक पृष्भूमि को अच्छे से जान ले।।

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