क्या कारण है कि बाजार से एचटीसी (HTC) के मोबाइल अब लगभग गायब ही हो गए हैं?

कोशिश करूंगा हो सके उतना सटीक जवाब देने का. एचटीसी सबसे पहला एंड्राइड डिवाइस बनाने वाली कंपनी कैसे ठप्प हो गयी मोबाइल की मार्किट में.

मैं २०१० से एचटीसी उपयोग करता आया हु और २०१८ तक एचटीसी ११ मेरे आखिरी एचटीसी का मोबाइल फोन था.

२०१० में एचटीसी वाइल्डफायर , उसके बाद एचटीसी सेंसेशन, उसके बाद एचटीसी वन x , फिर एचटीसी वन, एचटीसी वन एम् 8, एचटीसी 10 और अंतिम एचटीसी u 11 .

एचटीसी की usp था उसका स्टॉक एंड्राइड एक्सपीरियंस और सेंस यूजर इंटरफ़ेस जो सैमसंग गैलेक्सी से भी बोहत बेहतर था.

डिज़ाइन की बात करे तो सबसे पहले उसने ही मेटालिक बॉडी वाले एचटीसी one को डिज़ाइन किया, फिर २ कैमरा वाला one m8 , उसके बाद चांफेरेड एड्जेस वाला m10 . hifi DAC इस्तेमाल करने वाली पहली मोबाइल कंपनी, स्टीरियो स्पीकर इस्तेमाल करने वाली पहली मोबाइल कंपनी, सेल्फी कैमरा में OIS इस्तेमाल करने वाली पहली कंपनी, आल ग्लास unibody डिज़ाइन करने वाली पहली कंपनी.

इतने सब तरीके ईजाद करने वाली मोबाइल मैन्युफैक्चरर से गलती हुई

मार्केटिंग में , यकीन मानिये लोगो को मि जैसी कंपनी के बारे में मालूम चल चूका था लेकिन एचटीसी को फिर भी लोग नहीं जानते थे.

डिस्ट्रीब्यूशन में, जब मार्केटिंग ही अच्छी न होगी तो डिस्ट्रीब्यूशन भी कैसे अच्छा होगा?

प्राइस फैक्टर में, इनकी कीमत? m8 ६५००० में बिकता था, 2014–15 में यह कीमत बोहत बोहत ज्यादा थी.

कैमरा परफॉर्मेंस में, बोहत बोहत कोशिश करने पर भी इनकी कैमरा परफॉरमेंस सैमसंग को टक्कर न दे पायी.

और

आफ्टर सेल सर्विस में भी , यह फोन ख़राब न होते थे, मेरा वाइल्डफायर आज भी चलता है लेकिन अगर खराब हो गया तो ठीक भी नहीं होते थे, पार्ट्स अविलबिले न होने की वजह से.

यही कारन है के एचटीसी जैसे अग्रणी मोबाइल मेकर, आज बाजार में ढूंढ़ने पर भी नहीं मिलते, और भारतीय बाजार में तो सबसे घटिया क्वालिटी के मोबाइल ही लॉच करती है एचटीसी।

काश मई फिर से एचटीसी इस्तेमाल कर पता क्योकि सिर्फ एचटीसी उपभोगता ही उसके एक्सपीरियंस को समझ और समझा सकता है.

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