क्या आप जानते हैं कि आलू के चिप्स का आविष्कार कैसे हुआ तो जानिए यहां

आलू के चिप्स खाना किसे पसंद नहीं है छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुड्ढों तक सभी को यह बेहद पसंद होते हैं भारतीय संस्कृति में उपवास का बहुत महत्व है इसमें आलू तथा आलू से बने व्यंजनों का प्रयोग मुख्य रूप से होता है

आप यकीन नहीं करेंगे आलू दुनिया का, चावल के बाद दूसरा सबसे अधिक खाया जाने वाला खाद्य पदार्थ है कहीं पिकनिक पर जाना हो या किसी लंबे सफर में, कहीं थिएटर में बैठे फिल्म देख रहे हों या घर पर बैठे हुए कोई सीरियल, आलू के chips के बिना इन सब का मजा अधूरा है पर क्या आप जानते हैं

चिप्स (Chips) का आविष्कार कब और कहां
आलू के चिप्स का आविष्कार 1853 में George Crum के द्वारा एक एक्सीडेंट के रूप में हुआ था George Crum, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की Moon Lake Lodge Resort में एक chef (रसोईए) के तौर पर करते थे तथा उस समय इस होटल की फ्रेंच फ्राइज बहुत ही मशहूर थी

एक दिन एक ग्राहक ने french fries का ऑर्डर दिया तथा जब ग्राहक को french fries प्लेट में दिया गया तो उसने यह कहकर वापस कर दिया कि यह बहुत ही मोटी है तथा कुरकुरीत नहीं है George Crum ने फिर से पहले से भी पतली फ्रेंच फ्राइज बनाकर उस ग्राहक को दी लेकिन फिर भी वह संतुष्ट नहीं हुआ

तो उस ग्राहक पर झल्ला कर जॉर्ज क्रम ने बहुत बारीक आकार के टुकड़ों को काटकर उनको कड़क होने तक तेल में तला तथा फिर उस ग्राहक को प्लेट में दिया ऐसा उन्होंने उस ग्राहक की खिंचाई करने के लिए किया लेकिन वह ग्राहक गुस्सा होने के बजाए बहुत खुश हुआ उसको यह बहुत पसंद आया इस तरह आलू के chips का आविष्कार हुआ

George Crum को अपने इस आविष्कार के कारण बहुत सफलता मिली बाद में उन्होंने 1860 में अपना खुद का एक रेस्टोरेंट भी खोला जहां पर सबको एक टोकरी मे आलू के चिप्स परोसे जाते थे

लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि उन्हें इसका पेटेंट नहीं मिला क्योंकि उस समय नस्लीय भेदभाव चरम पर था और काले रंग के लोगों को अपने आविष्कार के लिए पेटेंट नहीं दिया जाता था

इस कारण से ही George Crum ने पेटेंट के लिए आवेदन ही नहीं किया यही कारण है कि आज पूरी दुनिया उनके आविष्कार का व्यापार कर रही है बिना उनको क्रेडिट दिए.

George Crum के चिप्स को पहले Saratoga चिप्स और potato चिप्स के नाम से जाना जाता था शुरुआत के कुछ सालों तक यह प्रांतीय खाद्य पदार्थ के रूप में केवल रेस्टोरेंट्स में ही मिलते रहे लेकिन 19 वी सदी के अंत तक लोग इनको ग्रॉसरी स्टोर्स में भी बेचने लगे

1895 मे Cleveland (Ohio) के William Tappendon ने अपने रसोई मे इन्हें बनाने की शुरुआत की तथा वो इन चिप्स को बाद मे वहां के local stores तक पहुंचाते थे. बाद मे इन्होंने अपनी जमीन पर चिप्स की फैक्ट्री लगायी.

चिप्स बनाने के शुरुआती दिनों में सब काम हाथ से होता था मतलब आलू धोना, छीलना, काटना आदि कार्य पहले हाथ से ही होते थे फिर 1920 में मैकेनिकल पोटैटो पीलर का आविष्कार वह जिससे यह कार्य आसान हो गया

1926 में Laura Scudder ने, जो कि Monterey, California मे चिप्स की फैक्ट्री की मालकिन थी, आलू के चिप्स भरने के लिए एक वैक्स पेपर के बैग का अविष्कार किया जिसमें चिप्स बहुत दिनों तक ताजे और कुरकुरीत रह सकते थे

इससे आलू के chips और भी मशहूर हुए क्योंकि बिना खराब हुए यह बहुत दिनों तक रह सकते थे. फिर धीरे-धीरे इस क्षेत्र में नई नई तकनीक आती गई तथा चिप्स धीरे धीरे एक छोटे से क्षेत्र से निकलकर पूरी दुनिया का पसंदीदा खाद्य पदार्थ बन गए |

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