कैसे पता करें कि सीने में होने वाला दर्द गैस का है या हार्टअटैक का? जानिए स्टेप

दोनों दर्द में इतना ही अंतर है ,जितना एक झोला छाप नीम हकीम और एक अनुभवी डॉक्टर में होता है। मतलब अनाड़ी झोला छाप आपको बोलेगा कि गैस की दवा लो, सोडा पीओ अगर दर्द चला जाता है तो गैस का था नहीं तो हार्ट अटैक है। इसके विपरीत एक अनुभवी डॉक्टर आपको ECG की सलाह देगा, अगर ECG नार्मल है तो यह दर्द गैस की वजह से हो सकता है।

इस तरह के कई उदाहरण मैं अपनी जिंदगी में देख चूका हूँ। परन्तु, वास्तव में सभी मरीज इतने खुशनसीब नहीं होते है कि समय पर सुरक्षित हाथों में पहुंच सके और इन झोला छाप के अधकचरे ज्ञान की बलि चढ़ जाते है। मेरे एक परिचित जो कि लगभग ३५ की आयु के होंगे, को रात को खाना खाने के बाद सीने में दर्द हुआ, नजदीकी कम्पाउण्डर (झोला-छाप) को दिखाया। उन्होंने अपना वो ही तरीका अपनाया, जो मैंने ऊपर लिखा है। बड़े ही आत्मविश्वास से ये और बोल दिया कि आज दिन में खाना नहीं खाया इसलिए गैस्ट्रिक प्रॉब्लम है।

एक इंजेक्शन दिया, कुछ गोलिया दी और बोला कि अगर आराम आ जाता है तो ठीक, नहीं तो ECG करवाके डॉक्टर को दिखा देना। अब मेरे परिचित को एक उलटी हुई और दर्द में थोड़ा सा आराम भी लगा तो उन्होंने भी मान लिया कि कम्पाउण्डर साहब सही बोल रहे थे। बेचारे गोली लेकर सोने चले गए। देर रात करीब ३-४ बजे करीब बिस्तर से उठे, बाथरूम गए, बाथरूम के दरवाजे पर तड़पने लगे। घर वाले आवाज़ सुनकर आये, तब तक शरीर ठंडा पड़ चुका था। मतलब तो आप समझ ही चुके होंगे।।।।

अब मैं प्रश्न के उत्तर पर आता हूँ। वास्तव में दोनों दर्द में अंतर करना बेहद मुश्किल है, इसलिए उस दर्द को ज्यादा सीरियसली लिया जाया है जो ज्यादा नुकसान पहुचाये। इसलिए अनुभवी डॉक्टर हमेशा यह मान कर चलता है कि सीने में उठने वाला हर दर्द, हार्ट अटैक का है जब तक कि इसको गलत साबित ना किया जा सके। आज इतने तरह की जांचे उपलब्ध है कि हार्ट अटैक का काफी समय पहले ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह भी बताया जा सकता है कि भविष्य में आपको अटैक आने कि सम्भावना ज्यादा है, सावधान रहिये। सो अगर आपके पास सुविधाएं उपलब्ध है तो बिलकुल भी गफलत में न रहे। क्योंकि जिंदगी न मिलेगी दोबारा!!!!!!!!!!

हार्ट अटैक या एनजाइना का दर्द बड़े ही विचित्र तरीके से सामने आता है। कभी तो अचानक से तेज दर्द उठता है और आपको अस्पताल तक पहुँचाने का वक़्त नहीं मिलता, मगर अधिकांश मामलो में शुरुवात एक मामूली, मीठे मीठे दर्द से होती है जो अमूमन सीने के बांयी तरफ शुरू होता है। धीरे धीरे यह दर्द बढ़ता चला जाता है, चलने फिरने , कोई काम करने से दर्द बढ़ता है। आराम से थोड़ी रहत मिलती है। दर्द अमूमन बांये हाथ में भी महसूस होता है और लगते है कि बांया हाथ बहुत भरी होता जा रहा है।

मगर यह दर्द कान से लेकर गर्दन, पेट,पेड़ू कही भी हो सकता है। इसलिए मैंने पहले ही कहा है कि यह दर्द बड़े विचित्र तरीके से पेश आता है। साथ ही आपको घबराहट, पसीने आना, सांस में तकलीफ होना, चक्कर आना, अँधेरा छाना जैसे लक्षण भी होने लगते है। मगर ये लक्षण बहुत देरी से आते है, और तब तक काफी देर हो चुकी होती है इसीलिए मामूली दर्द पर ही डॉक्टर के पास जाना उचित है। इस दर्द कि एक खासियत और है कि आप अपने शरीर में एक जगह नहीं बता सकते कि इस पॉइंट पर दर्द हो रहा है। कहने का मतलब है कि दर्द बड़ा ही फैला हुआ सा होता है।

इसके विपरीत गैस का दर्द एक जलन के रूप में शुरू होता है जो शुरुआत से ही तेज़ होता है। दर्द मुख़्यत पेट के ऊपरी हिस्से में होता है जो सीने में भी जा रहा होता है। चलने फिरने , काम करने से इस दर्द में कोई फर्क नहीं पड़ता है , उल्टा कई बार लेटने से जलन बढ़ती जाती ह। उलटी दोनों ही तरह के दर्द में संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »