किसान और भगवान की मजेदार कहानी पढ़िए

जीवन में चुनौतियां आदमी को किस प्रकार सशक्त और प्रखर बनाती हैं आइए किसान और ईश्वर की इस कहानी के माध्यम से जानते हैं।

हरिया एक बहुत मेहनती किसान था। वह भगवान श्री राम का बहुत बड़ा भक्त था वह अपनी खेती को बहुत मेहनत से करता था। लेकिन कई सालों से उसकी फसल थोड़ी बहुत खराब हो जाती थी। कभी धूप बहुत तेज हो जाती थी तो कभी सूखा पड़ जाता था। कभी ओले पड़ जाए। किसी ना किसी प्राकृतिक आपदा के कारण उसकी फसल खराब हो जाती है।

इसलिए हरिया राम जी से से क्रोधित हो गया‌। उसने गुस्से में भगवान राम से से कहा कि हे भगवान राम आप ईश्वर अवश्य होंगे परंतु आपको खेती-बाड़ी करना नहीं आता है। यदि आप 1 वर्ष तक मेरे हिसाब से मौसम को नियंत्रित कर दें तो मैं अन्न के भंडार भर दूंगा। भगवान राम अपने भक्तों की बात सुनकर मुस्कुराते हुए बोलो हरिया 1 वर्ष तक तुम जैसा चाहोगे वैसा ही मौसम रहेगा।

हरिया बहुत प्रसन्न हुआ। हरिया ने अपने खेत में मक्के की फसल बोई। हरिया ने अपने मक्के के पौधों को अपने हिसाब से धूप पानी आदि दिया। हरिया ने अपने पौधों को तेज धूप आदि आदि का खतरा ही नहीं आने दिया। उसकी फसल लहरा उठी। हरिया अपनी फसल देखकर बहुत प्रसन्न हुआ।

हरिया ने अपने मन में विचार किया कि भगवान श्री राम हम लोगों को फालतू में ही परेशान करते हैं। अब भगवान श्रीराम को पता लगेगा की खेती कैसे करते हैं? जब फसल काटने का समय आया तो हरिया बढ़ेगा घमंड से अपनी फसल काटने के लिए गया. अब तो वह भगवान श्रीराम को सिखा देगा की फसल कैसे उगाते हैं।

परंतु जब उसने अपनी फसल को देखा तो वह आश्चर्य से अपना सिर पकड़ कर बैठ गया। उसकी फसल में मक्के के बहुत कम दाने निकले। जो निकले वह बहुत ही खराब थे। उसने भगवान श्रीराम से कहा प्रभु यह क्या हुआ।

भगवान श्रीराम श्री राम बोले तुमने अपने पौधों को जीवित देने के लिए संघर्ष करने का प्रयास ही नहीं करने दिया । तुमने उन्हें तेज धूप मे तपने नहीं दिया। तुमने अपने पौधों को औलो से जूझने भी नहीं दिया। पौधे जब पूर्व परिस्थितियों का सामना करते हैं तो उनमें अपने अस्तित्व को बचाने के लिए एक प्रकार की ताकत की उत्पत्ति होती है। इसी ताकत से पौधों को ऊर्जा मिलती है।ऐसा करते हुए उनके जीवन जीने की क्षमता आती है। इसलिए तुम्हारे पौधे खोखले रह गये।

कहानी से शिक्षा

यदि किसी भी व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और चुनौती नहीं होगा तो वह व्यक्ति कमजोर होगा अर्थात वह व्यक्ति को क्या रह जाएगा। चुनौतियां और संघर्ष ही आदमी को मजबूत बनाते हैं। अगर आपको जीवन में सफल होना है तो संघर्षों का सामना अवश्य करना पड़ेगा।

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